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रूस में देखने को मिली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शानदार केमिस्ट्री

Updated on: 10 July, 2024 02:35 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

पुतिन ने मोदी को निजी बातचीत के लिए मॉस्को के बाहर अपने आधिकारिक आवास पर आमंत्रित किया.

ऑस्ट्रिया में मोदी के रूस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रिया का दौरा किया है। 40 साल बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस देश का दौरा नहीं किया है.

ऑस्ट्रिया में मोदी के रूस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रिया का दौरा किया है। 40 साल बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस देश का दौरा नहीं किया है.

नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा के दूसरे दिन कल भारतीय प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शानदार केमिस्ट्री देखने को मिली. पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को मॉस्को के बाहर नोवो ओगारियोवो में अपने आधिकारिक आवास पर ले गए जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. पुतिन ने मोदी को निजी बातचीत के लिए मॉस्को के बाहर अपने आधिकारिक आवास पर आमंत्रित किया.

पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरी बार निर्वाचित होने पर बधाई दी. दोनों नेताओं ने चलते-फिरते बात की. पुतिन को इलेक्ट्रिक कार में बैठाकर खुद कार चलाकर मोदी को घुमाया और अपना घोड़ा भी दिखाया. दुभाषिए की मदद से दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई. दोनों नेताओं के बीच अंग्रेजी में भी कुछ बातचीत हुई.


पुतिन ने मोदी से कहा कि ``मैं आपको दोबारा प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई देता हूं. मेरा मानना है कि यह कोई आकस्मिक जीत नहीं है, यह आपके वर्षों के परिश्रम का परिणाम है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए मजबूत हो रहा है.`इसके जवाब में मोदी ने पुतिन से कहा कि भारत के लोगों ने मुझे मातृभूमि की सेवा करने का मौका दिया है. मेरा एक ही लक्ष्य है, मेरा देश और मेरे लोग.`


उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों की बैठक 9 जुलाई से अमेरिका में शुरू हो गई है. यूक्रेन-युद्ध पर नाटो अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहा है. ऐसे में मोदी का रूस दौरा पश्चिमी देशों की नजरें खींच रहा है. इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से भी मोदी नदारद रहे थे. इसमें रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के बीच मुलाकात हुई और भारत नहीं चाहता कि उसका मजबूत दोस्त चीन के करीब आये. इसीलिए मोदी ने रूस का दौरा किया.

नरेंद्र मोदी ने भारतीय सैनिकों के रूसी सेना के लिए लड़ने का मुद्दा उठाया और इससे भारतीयों के रूसी सेना से वापस लौटने की आशंका है. रूस इन सैनिकों की भारत वापसी में भी मदद करेगा. फिलहाल 30 से 40 भारतीय रूसी सेना में काम कर रहे हैं, वे भारत लौटना चाहते हैं. युद्ध में दो से चार भारतीय सैनिक शहीद हो गए हैं. एजेंट उच्च वेतन वाली नौकरियों की उम्मीद में भोले-भाले लोगों को रूस भेज रहे हैं. पंजाब और हरियाणा के लोग फंसे हैं, वर्दीधारी वीडियो पोस्ट कर बचाव की अपील कर रहे हैं.


2019 में, रूस ने अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, ऑर्डर ऑफ द होली एपोस्टल एंड्रयू द फर्स्ट-कॉल के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा की और यह पुरस्कार मॉस्को के क्रेमलिन के सेंट कैथरीन हॉल में मोदी को प्रदान किया गया. मोदी को यह पुरस्कार भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों के विकास में उनके विशेष योगदान के लिए दिया गया. इस पुरस्कार की स्थापना 1698 में ज़ार पीटर द ग्रेट द्वारा यीशु के पहले प्रेरित और रूस के संरक्षक संत सेंट एंड्रयू के सम्मान में की गई थी. यह सबसे उत्कृष्ट नागरिक या सैन्य सेवा के लिए प्रदान किया जाता है.

व्लादिमीर पुतिन के साथ डिनर-मीटिंग में नरेंद्र मोदी ने दो साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की सीधी अपील की. पता चला है कि मोदी ने पुतिन से कहा कि युद्ध से नतीजे नहीं निकलते; युद्ध शांति का रास्ता नहीं है, चर्चा और राजनीतिक कूटनीति से रास्ता निकाला जा सकता है, समाधान निकाला जा सकता है. इस मुद्दे पर पुतिन ने कहा कि आप यूक्रेन-संकट का जो समाधान लाने की कोशिश कर रहे हैं, उसके लिए हम आभारी हैं.

रूस दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने कल रूस में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत में बॉलीवुड, टी20 विश्व कप में भारत की जीत और भारत-रूस संबंधों के बारे में बात की और कहा कि `भारत रिकॉर्ड गति से बदल रहा है और दुनिया नोटिस ले रही है. 140 करोड़ भारतीय देश के पुनरुद्धार को संभव बना रहे हैं. हर भारतीय के दिल में रूस है, बॉलीवुड गानों में रूस का जिक्र होता है, राज कपूर और मिथुन चक्रवर्ती को रूस के लोग जानते हैं. जब भारतीय लोग रूस का नाम सुनते हैं तो उन्हें स्वत: ही यह अहसास हो जाता है कि रूस भारत का का साथी है.`

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