मंत्रालय पर निकले इस मार्च के दौरान वर्षा गायकवाड के अलावा विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री असलम शेख, प्रवक्ता सचिन सावंत और कई कांग्रेस करकर्ता उपस्थित थे.
वर्षा गायकवाड ने कहा, `मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के जिले ठाणे में भी माताएं, बहनें, बच्चे और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं. बदलापुर से पहले शिल फाटा मंदिर में तीन पुजारियों ने एक गृहिणी के साथ बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी. उरण में एक लड़की की हत्या कर दी गयी.`
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़ ने पूछा है कि वह कौन सी ताकत है जिसने बदलापुर के उस स्कूल को बचाया जहां यह घटना हुई.
गायकवाड़ ने कहा कि दो छोटी बच्चियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है. जब 13 तारीख को घटना हुई तो स्कूल प्रशासन ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया? पीड़ित बच्ची की गर्भवती मां को 11 घंटे तक थाने में इंतजार क्यों कराया गया, पुलिस किसके दबाव में काम कर रही थी. कौन बचाने की कोशिश कर रहा था इसका खुलासा होना चाहिए.`
उन्होंने कहा कि `जब बदलापुर की जनता सड़कों पर उतरी तो सरकार जागी और त्वरित कार्रवाई की. इस मामले में बदलापुर थाने के संबंधित वरीय एवं कनीय अधिकारियों को बर्खास्त करें, निलंबन की कार्रवाई से काम नहीं चलेगा.`
राज्य सरकार की आलोचना करते हुए वर्षा गायकवाड बोली, `स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्होंने सवाल उठाया कि कौन सी ताकत संबंधित स्कूल को बचाने के लिए काम कर रही है.`
उन्होंने आगे कहा, `पता चला है कि बदलापुर के जिस स्कूल में घटना हुई, वहां का सीसीटीवी बंद है. जिन लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया उन सभी पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 40 से 50 लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें अदालत में पेश किया गया.` अपना गुस्सा जाहीर करते हुए वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि `पुलिस ने पीड़िता की शिकायत भी दर्ज नहीं की. क्या सरकार को लड़कियों और महिलाओं पर हो रहा अत्याचार दिखता नहीं, बल्कि न्याय की मांग पर ही कार्रवाई करती है. यह मार्च बदलापुर के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोजित किया गया था.