बुधवार सुबह से ही मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित टोल पॉइंट, राजीव गांधी सी लिंक पर भारी वाहन चालकों और प्राइवेट कारों की भीड़ देखने को मिली. (Pics / Ashish Raje)
हालाँकि, टोल स्टाफ और तकनीकी टीमों ने मिलकर सुचारू संचालन सुनिश्चित किया. कहीं से भी बड़े स्तर की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली.
अब से इन मार्गों पर वैध या चालू FASTag या E-Tag के बिना यात्रा करने वाले वाहन चालकों को दोगुना टोल शुल्क चुकाना पड़ेगा, और यह नियम पहले ही दिन से सख्ती से लागू किया गया.
यह निर्णय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सिफारिशों के अनुसार लिया गया है.
FASTag अनिवार्यता का यह निर्णय सरकार के डिजिटल इंडिया और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट विज़न का हिस्सा है.
अधिकारियों के मुताबिक, FASTag के जरिए टोल भुगतान से न केवल टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय घटता है, बल्कि यह प्रणाली ट्रैफिक फ्लो को भी बेहतर बनाती है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलती है.
एमईपी इंफ्रास्ट्रक्चर, जो इन टोल मार्गों का संचालन करती है, के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार में कुछ वाहन चालकों को जानकारी की कमी थी,
लेकिन उन्हें मौके पर जागरूक किया गया और डबल टोल भुगतान के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया गया.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध FASTag वाले वाहनों को कोई छूट नहीं दी जाएगी और यह नियम पूरे देश में लागू रहेगा. भविष्य में टोल को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक में समय की बचत और परेशानी से बचने के लिए FASTag का समय रहते उपयोग करें.
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