Updated on: 29 August, 2025 11:19 AM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने शुक्रवार को मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों समर्थकों के साथ उपोषण शुरू किया.
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मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान पहुँचे और हजारों समर्थकों के साथ अपना उपोषण शुरू किया. जालना ज़िले के अंतरवाली सरती गाँव से बुधवार को निकले इस आंदोलनकारी मार्च का सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मुंबई में प्रवेश हुआ. वाशी में उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया और भगवा झंडों, स्कार्फ़ व टोपी पहने समर्थकों ने जोरदार नारेबाज़ी की.
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सुबह करीब 9.45 बजे, भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जरांगे आज़ाद मैदान पहुँचे. इस दौरान माहौल भावनात्मक और उत्साही रहा. हजारों समर्थक उनकी तस्वीरें और वीडियो लेने के लिए भीड़ गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अधिकारियों के मुताबिक, आंदोलनकारियों के कारण सीएसएमटी और आसपास के इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला.
शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान
43 वर्षीय जरांगे ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और चल रहे गणेशोत्सव में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी. उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि मराठा समुदाय को कुनबी जाति के रूप में मान्यता दी जाए, जिससे उन्हें ओबीसी श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सके.
जरांगे इससे पहले भी अंतरवाली सरती गाँव में लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं और अब उसी को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई में डटे हैं.
प्रशासन की सख्त शर्तें
जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर करीब 40 शर्तें लगाई हैं. इनमें वाहनों की आवाजाही बाधित न करने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों से बचने और आपत्तिजनक नारे न लगाने जैसे प्रावधान शामिल हैं.
मुंबई पुलिस ने भी आंदोलन के लिए साफ नियम तय किए हैं. जरांगे को 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आज़ाद मैदान में उपोषण की अनुमति दी गई है. तय समय के बाद सभी आंदोलनकारियों को धरना स्थल खाली करना होगा. साथ ही, केवल 5 वाहन आज़ाद मैदान तक पहुँचने की अनुमति होगी और प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए.
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
मुंबई पुलिस ने आंदोलन को देखते हुए 1,500 से अधिक जवानों को आज़ाद मैदान और आसपास के इलाकों में तैनात किया है. वहीं रेलवे पुलिस ने भी सीएसएमटी स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है, क्योंकि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से आंदोलनकारी मुंबई पहुँच रहे हैं.
जरांगे का यह उपोषण मराठा आरक्षण की लड़ाई को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आया है.
(With inputs from PTI)
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