Updated on: 28 August, 2025 06:01 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
अधिकारियों ने बताया कि ये बयान उस निजी अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों के हैं जहाँ उन्हें पहली बार भर्ती कराया गया था.
निक्की भाटी (बाएँ) को उसके पति विपिन भाटी (दाएँ) और उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर आग लगा दी. फ़ाइल तस्वीर
ग्रेटर नोएडा में दहेज हत्या को लेकर चल रहे विवाद के बीच, अधिकारियों ने रविवार को बताया कि निक्की भाटी, जिनकी कथित तौर पर उनके पति ने हत्या की थी, की मौत घर में गैस सिलेंडर फटने से हुई. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि ये बयान उस निजी अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों के हैं जहाँ उन्हें पहली बार भर्ती कराया गया था.
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रिपोर्ट के मुताबिक जिस अस्पताल में 21 अगस्त को भाटी को ले जाया गया था, वहाँ से मिले एक मेमो के अनुसार, "घर में गैस सिलेंडर फटने से वह गंभीर रूप से जल गई थीं." मेमो में यह भी बताया गया है कि भाटी को उनके पति के एक चचेरे भाई विपिन गंभीर हालत में वहाँ लाए थे. इस घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए, एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "निक्की के भर्ती होने के समय मौजूद डॉक्टरों और नर्सों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. निक्की ने उन्हें बताया कि गैस सिलेंडर फटने से वह जल गई थीं."
पुलिस ने आगे कहा कि वे मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई करने से पहले बयान एकत्र कर रहे हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भाटी के कमरे से बरामद एक ज्वलनशील तरल पदार्थ को फोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जांचकर्ता मौत के संबंध में सार्वजनिक रूप से प्रसारित कई वीडियो क्लिप की भी जाँच कर रहे हैं.
ये नए विवरण पहले लगाए गए उन आरोपों के बीच सामने आए हैं जिनमें कहा गया था कि दहेज की माँग को लेकर भाटी को उसके पति और ससुराल वालों ने आग लगा दी थी. रिपोर्ट के मुताबिक 26 वर्षीया भाटी की 22 अगस्त को, गंभीर रूप से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती होने के एक दिन बाद, मौत हो गई. मामले के चारों आरोपियों विपिन, उसके पिता सत्यवीर, माँ दया और भाई रोहित को उसकी मौत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है.
मामले में एक और मोड़ तब आया जब भाटी की भाभी मीनाक्षी ने बुधवार को आरोप लगाया कि उन्हें भी वर्षों तक उत्पीड़न, मारपीट और दहेज की माँग का सामना करना पड़ा. भाटी के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) और 61(2) (आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस बीचउसके परिवार के सदस्यों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य से मुलाकात की और मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की.
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