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पीएम मोदी ने लाल किले से की अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा

Updated on: 15 August, 2025 07:16 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। तस्वीर/पीटीआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। तस्वीर/पीटीआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों को अवैध घुसपैठ के जरिए देश की जनसांख्यिकी बदलने की पूर्व नियोजित साजिश के प्रति आगाह किया और कहा कि कोई भी देश घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. 

रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के पूर्वजों ने भारतीयों को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और यह देश के नागरिकों का कर्तव्य है कि वे ऐसी गतिविधियों को स्वीकार न करें. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज मैं देश को एक चिंता, एक चुनौती के प्रति सचेत करना चाहता हूँ. एक सोची-समझी साजिश के तहत, देश की जनसांख्यिकी को बदला जा रहा है. एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. ये घुसपैठिए मेरे देश के युवाओं की आजीविका छीन रहे हैं, ये घुसपैठिए मेरे देश की बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह कर उनकी ज़मीन हड़प रहे हैं. यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा."


प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने का फैसला किया है. आज लाल किले की प्राचीर से, मैं कहना चाहता हूँ कि हमने एक उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है. यह मिशन निश्चित रूप से भारत पर मंडरा रहे गंभीर संकट से निपटने के लिए निर्धारित समय-सीमा में सुविचारित तरीके से अपना काम करेगा और हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.  रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने चेतावनी दी कि जब जनसांख्यिकीय परिवर्तन होते हैं, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में, तो वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा करते हैं. पीएम मोदी ने ज़ोर देकर कहा "यह हमारी एकता, अखंडता और प्रगति के लिए भी संकट पैदा करता है. यह सामाजिक तनाव के बीज बोता है. दुनिया का कोई भी देश अपने देश को `घुसपैठियों` के हवाले नहीं कर सकता, तो हम भारत को उनके हवाले कैसे कर सकते हैं.हमारे पूर्वजों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर हमें आज़ादी दिलाई. उन्होंने हमें एक स्वतंत्र भारत दिया और यह हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसी गतिविधियों को स्वीकार न करें. यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी". प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान घुसपैठ की चेतावनी दी थी और अपने चुनाव अभियान में `घुसपैठिया` शब्द का इस्तेमाल किया था.


भाजपा पश्चिम बंगाल और झारखंड में आदिवासी लड़कियों से शादी करने वाले बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाती रही है. पार्टी ने असम में भी अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाया है. रिपोर्ट के अनुसार विपक्ष ने आरोप लगाया है कि भाजपा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का इस्तेमाल ऐसे अवैध प्रवासियों, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाने के लिए कर रही है, जिसे बाद में बंगाल और असम में भी लागू किया जाएगा. पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है.


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