इस आंदोलन का नेतृत्व सांसद वर्षा गायकवाड और पूर्व मंत्री एवं विधायक असलम शेख ने किया. उनके साथ बड़ी संख्या में अभिभावक और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे. (X/Pics, Varsha Eknath Gaikwad)
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार से जवाब मांगते हुए चेतावनी दी कि वे इस कुटिल योजना को विफल करेंगे.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और पालकमंत्री लोढ़ा को चूड़ियां पहनाने की धमकी दी.
इस विरोध में मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेश चंद्र राजहंस, पूर्व नगरसेवक वीरेंद्र चौधरी, कमरजहा सिद्दीकी, राजपति यादव, बब्बू खान, अवनीश सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और नेता शामिल हुए.
सांसद वर्षा गायकवाड ने मीडिया से कहा कि एक दशक से अधिक समय से चल रहे मालवणी टाउनशिप स्कूल का मनमाने ढंग से निजीकरण किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, “यह कदम गरीबों और आम नागरिकों के खिलाफ है. कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा करती है.
यूपीए सरकार ने मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू कर बच्चों को शिक्षा का हक दिलाया था. लेकिन भाजपा सरकार इस मौलिक अधिकार को छीनने पर आमादा है.”
उन्होंने आगे कहा कि मुंबई महानगरपालिका ने बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए,
लेकिन अब भाजपा सरकार नगर निगम के स्कूलों को निजी हाथों में सौंपकर बिल्डरों को फायदा पहुंचा रही है.
गायकवाड ने साफ चेतावनी दी कि कांग्रेस अभिभावकों के साथ मिलकर भाजपा सरकार की इस गरीब-विरोधी योजना का पुरजोर विरोध करेगी और इसे किसी भी हाल में लागू नहीं होने देगी.
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