Updated on: 22 August, 2025 06:18 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
प्रधानमंत्री ने कई प्रमुख पहलों की शुरुआत की, जिनमें लगभग 6,880 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 600 मेगावाट क्षमता वाले बक्सर थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन भी शामिल है.
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बिहार में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. तस्वीर/पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढाँचे, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री ने कई प्रमुख पहलों की शुरुआत की, जिनमें लगभग 6,880 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 600 मेगावाट क्षमता वाले बक्सर थर्मल पावर प्लांट का उद्घाटन भी शामिल है. इस प्लांट से बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा में सुधार और क्षेत्र में बढ़ती बिजली की माँग को पूरा करने की उम्मीद है.
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रिपोर्ट के मुताबिक मोकामा (पटना ज़िला) को बेगूसराय से जोड़ने वाले गंगा नदी पर 1.86 किलोमीटर लंबे औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन. 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है. इसे पुराने राजेंद्र सेतु के आधुनिक प्रतिस्थापन के रूप में देखा जा रहा है और इससे भारी वाहनों की यात्रा दूरी 100 किलोमीटर से अधिक कम होने, वैकल्पिक मार्गों पर भीड़भाड़ कम होने और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार होने की उम्मीद है.
उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ, नवनिर्मित पुल पर खड़े हुए और एकता और प्रगति के प्रतीकात्मक संकेत के रूप में, उपस्थित जनता का अभिवादन किया. रिपोर्ट के अनुसार दो नई रेल सेवाओं - अमृत भारत एक्सप्रेस (गयाजी से दिल्ली) और बौद्ध सर्किट ट्रेन (वैशाली से कोडरमा) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और प्रमुख बौद्ध स्थलों की तीर्थयात्राओं को सुगम बनाना है.
मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन. इस अत्याधुनिक सुविधा में उन्नत ऑन्कोलॉजी बाह्य एवं अंतःरोगी विभाग, ऑपरेशन थिएटर, प्रयोगशालाएँ, एक ब्लड बैंक और 24 बिस्तरों वाला आईसीयू/एचडीयू शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक यह किफायती कैंसर देखभाल प्रदान करेगा, जिससे रोगियों को इलाज के लिए महानगरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम होगी. गंगा में प्रदूषण कम करने और स्वच्छता के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत विकसित 520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले मुंगेर में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सीवरेज नेटवर्क का अनावरण. दाउदनगर (औरंगाबाद), जहानाबाद, बड़हिया (लखीसराय) और जमुई में एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क सहित 1,260 करोड़ रुपये की शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास.
औरंगाबाद, बोधगया और जहानाबाद के लिए अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति परियोजनाएँ. ग्रामीण और शहरी आवास लाभार्थियों के लिए गृह प्रवेश समारोह, जिसमें पीएमएवाई-ग्रामीण और पीएमएवाई-शहरी के तहत 16,000 से अधिक लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबियाँ सौंपी गईं. यात्री और माल ढुलाई में सुधार और यात्रा समय को कम करने के लिए, लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-31 के चार-लेन बख्तियारपुर-मोकामा खंड का उद्घाटन.
अधिकारियों ने बताया कि औंटा-सिमरिया पुल एक परिवर्तनकारी परियोजना है जो न केवल प्रमुख जिलों के बीच संपर्क को बढ़ावा देती है, बल्कि माल परिवहन को आसान बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा देती है. यह प्रसिद्ध तीर्थस्थल और प्रख्यात कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मस्थली सिमरिया धाम तक बेहतर पहुँच भी प्रदान करता है.
एक निजी कंपनी द्वारा निर्मित इस पुल को भारी यातायात भार को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसे नदी की तेज़ धाराओं, नदी तल की नरम मिट्टी और जटिल पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियों जैसी विकट चुनौतियों के बावजूद बनाया गया है. इस उद्घाटन समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कई केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए.
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