होम > न्यूज़ > नेशनल न्यूज़ > आर्टिकल > `जानवर कहां से आते हैं?` सुप्रीम कोर्ट ने वंतारा लिए बनाई एसआईटी

`जानवर कहां से आते हैं?` सुप्रीम कोर्ट ने वंतारा लिए बनाई एसआईटी

Updated on: 26 August, 2025 09:45 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली इस SIT को वंतारा के कामकाज की जाँच करने कहा है.

प्रतीकात्मक चित्र (सौजन्य: मिड-डे)

प्रतीकात्मक चित्र (सौजन्य: मिड-डे)

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के जामनगर में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वंतारा (ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर) के कामकाज की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली इस SIT को वंतारा के कामकाज की जाँच करने और यह भी पता लगाने को कहा गया है कि क्या भारत और विदेश से जानवरों, खासकर हाथियों को लाने में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के प्रावधानों का ठीक से पालन किया गया था. न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया.

वकील सीआर जया सुखी द्वारा दायर जनहित याचिका में केंद्र सरकार के कामकाज पर व्यापक आरोप लगाए गए हैं. पीठ ने न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के नेतृत्व में गठित SIT में उत्तराखंड और तेलंगाना उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र चौहान, मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले और अतिरिक्त सीमा शुल्क आयुक्त अनीश गुप्ता को सदस्य बनाया है. पीठ ने कहा कि हम बेदाग़ निष्ठा और उच्च प्रतिष्ठा वाले सम्मानित व्यक्तियों, जिन्हें लोक सेवा का लंबा अनुभव हो, की एक विशेष जाँच दल के गठन का निर्देश देना उचित समझते हैं.


इसे देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने वंतारा (ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर) की गतिविधियों की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया. एसआईटी कई मुद्दों की जाँच करेगी, जिनमें मुख्य रूप से जानवरों का अधिग्रहण, कानूनी अनुपालन, अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल, पर्यावरण संबंधी चिंताएँ, संग्रहण और संरक्षण, वन्यजीव व्यापार वित्तीय अनुपालन आदि शामिल हैं.


दूसरी ओर, वंतारा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी गठन के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है. वंतारा ने एक बयान जारी कर कहा, "हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अत्यंत सम्मान के साथ स्वागत करते हैं. वंतारा पारदर्शिता, करुणा और कानून के पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा मिशन और ध्यान पशुओं के बचाव, पुनर्वास और देखभाल पर केंद्रित रहेगा. हम विशेष जाँच दल को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे और अपने सभी प्रयासों के केंद्र में पशुओं के कल्याण को रखते हुए, पूरी ईमानदारी से अपना काम जारी रखेंगे." बयान में आगे कहा गया, "हम अनुरोध करते हैं कि इस प्रक्रिया को बिना किसी अटकलबाज़ी के और हमारे द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले पशुओं के सर्वोत्तम हित में होने दिया जाए."


अन्य आर्टिकल

फोटो गेलरी

रिलेटेड वीडियो

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK