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पालघर में मौत का तांडव, अवैध इमारत गिरने से 12 लोगों की मरे और छह घायल

Updated on: 28 August, 2025 03:14 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

छह शव मलबे से निकाले गए, जबकि छह अन्य की विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत हो गई. समय बीत जाने के बाद भी दुर्घटनास्थल पर मलबा है.

तस्वीर/पीटीआई

तस्वीर/पीटीआई

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में एक अनधिकृत चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा बगल के खाली पड़े मकान पर गिर जाने से माँ-बेटी समेत बारह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार छह शव मलबे से निकाले गए, जबकि छह अन्य की विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत हो गई. रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा रात 12.05 बजे गिरने के 20 घंटे से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी दुर्घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम जारी है.

रिपोर्ट  मुताबिक वसई विरार नगर निगम (वीवीएमसी) ने एक विज्ञप्ति में बताया कि छह लोग अभी भी इलाके के विभिन्न अस्पतालों और मुंबई के बाहरी इलाके नालासोपारा में भर्ती हैं. तीन अन्य को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. वसई विरार नगर निगम (वीवीएमसी) द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने इमारत के बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया.


अधिकारियों ने अब तक बारह मृतकों में से सात की पहचान आरोही ओमकार जोविल (24), उनकी एक वर्षीय बेटी उत्कर्षा जोविल, लक्ष्मण किस्कू सिंह (26), दिनेश प्रकाश सपकाल (43), सुप्रिया निवालकर (38), अर्नव निवालकर (11) और पार्वती सपकाल के रूप में की है. रिपोर्ट के अनुसार जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने कहा है कि मलबे में अभी भी कुछ और लोग दबे हो सकते हैं. पालघर के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने बताया कि सौभाग्य से, जिस चॉल या मकान पर इमारत गिरी, वह खाली था.


उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर, इमारत के आसपास की सभी चॉल खाली करा दी गई हैं और उनमें रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है. कदम ने बताया कि 2012 में निर्मित रमाबाई अपार्टमेंट में 50 फ्लैट हैं और ढहे हुए हिस्से में 12 अपार्टमेंट थे. वसई विरार नगर निगम के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इमारत "अवैध" थी. रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित दुर्घटनाग्रस्त इमारत तक भारी मशीनरी पहुँचाने में शुरुआत में कठिनाई होने के कारण मलबा हटाने में देरी हुई.

वीवीएमसी के सहायक आयुक्त गिलसन गोंसाल्वेस ने कहा, "अभी तक, मलबा हटाने का काम जारी है. शुरुआती कई घंटों तक, मलबा नगर निगम की टीमों और एनडीआरएफ की दो इकाइयों द्वारा हाथ से साफ किया गया. अब, यह काम मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर चल रहा है." इमारत गिरने से कई परिवार बेघर हो गए हैं. सभी प्रभावित परिवारों को चंदनसर समाजमंदिर में अस्थायी रूप से रखा गया है. हम उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं.


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