Updated on: 03 September, 2025 03:26 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना (स्थानीय सैन्य प्राधिकरण, कोलकाता) सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मैदान इलाके में दो दिनों की अवधि के लिए कार्यक्रमों की अनुमति देती है.
प्रतीकात्मक छवि
भारतीय सेना ने सोमवार को कोलकाता के मैदान इलाके में गांधी प्रतिमा के पास तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल के बांग्लाभाषी प्रवासी मज़दूरों पर अन्य राज्यों में कथित अत्याचारों के विरोध में बनाए गए मंच को हटाने का काम शुरू कर दिया. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना (स्थानीय सैन्य प्राधिकरण, कोलकाता) सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मैदान इलाके में दो दिनों की अवधि के लिए कार्यक्रमों की अनुमति देती है. "तीन दिनों से अधिक के कार्यक्रमों के लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से अनुमति लेनी होगी."
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रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा अधिकारी ने कहा, "कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति दो दिनों के लिए दी गई थी. हालाँकि, मंच लगभग एक महीने से लगा हुआ है. आयोजकों को अस्थायी ढाँचे को हटाने के लिए कई बार अनुस्मारक भेजे गए हैं. हालांकि, इसे हटाया नहीं गया." उन्होंने कहा कि इसके बाद कोलकाता पुलिस को सूचित किया गया और भारतीय सेना द्वारा इस ढांचे को हटाया जा रहा है.
मैदान पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि घटनास्थल पर मौजूद सेना के अधिकारियों ने कहा कि हर हफ़्ते सप्ताहांत में होने वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद मंच को हटाना पड़ता है. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे.
केंद्र पर तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए, पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि "भाजपा सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के बाद सेना को तैनात किया है." रिपोर्ट के मुताबिक मैदान क्षेत्र भारतीय सेना के अधीन है, जिसका पूर्वी कमान मुख्यालय पास ही फोर्ट विलियम में स्थित है.
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