Updated on: 18 August, 2025 07:26 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
अलास्का में हुए हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन के तीन दिन बाद, पुतिन ने मोदी से फ़ोन पर बात की. यह शिखर सम्मेलन बिना किसी समझौते के पूरा हो गया था.
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन. फाइल फोटो
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी शिखर वार्ता की जानकारी दी. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार अलास्का में हुए हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन के तीन दिन बाद, पुतिन ने मोदी से फ़ोन पर बात की. यह शिखर सम्मेलन बिना किसी संघर्ष विराम समझौते के पूरा हो गया था.
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रिपोर्ट के मुताबिक फ़ोन पर बातचीत के बाद, मोदी ने कहा कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का लगातार आह्वान किया है और इस संबंध में सभी प्रयासों का समर्थन करता है. प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मैं अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन को उनके फ़ोन कॉल और अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी हालिया बैठक के बारे में जानकारी साझा करने के लिए धन्यवाद देता हूँ." उन्होंने कहा, "भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का लगातार आह्वान किया है और इस संबंध में सभी प्रयासों का समर्थन करता है. मैं आने वाले दिनों में हमारे बीच निरंतर आदान-प्रदान की आशा करता हूँ."
व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आ सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार अजीत डोभाल ने गुरुवार को मॉस्को में अपनी बैठकों के दौरान कहा है कि पुतिन की भारत यात्रा की तारीखों पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने गुरुवार को बताया कि एनएसए ने अपनी बैठकों में किसी विशेष तारीख या समय का संकेत नहीं दिया है. एक सूत्र ने कहा, "एनएसए डोभाल ने मॉस्को की अपनी यात्रा के दौरान कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की तारीखों पर विचार किया जा रहा है." सूत्रों ने कहा कि कुछ मीडिया में अगस्त के अंत की बताई जा रही तारीख गलत है. अजीत डोभाल ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा सहयोग के साथ-साथ पुतिन की भारत यात्रा पर भी चर्चा की.
अजित डोभाल की मास्को यात्रा से परिचित लोगों ने बताया कि रूसी अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत में द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों के साथ-साथ रूसी कच्चे तेल पर पश्चिमी प्रतिबंधों पर भी चर्चा हुई. रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा भारत के कच्चे तेल पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से रूस भारत का शीर्ष ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. एनएसए द्वारा भारत को एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की शेष दो रेजिमेंटों की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मास्को पर दबाव डालने की भी उम्मीद है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 प्रणालियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. भारत ने 2018 में रूस के साथ एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल प्रणाली के पाँच स्क्वाड्रनों के लिए 5.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था. यह एक अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली है जो लंबी दूरी पर कई हवाई खतरों का सामना करने में सक्षम है. तीन स्क्वाड्रन पहले ही वितरित किए जा चुके हैं.
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