Updated on: 20 July, 2026 05:41 PM IST | Mumbai
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यूटीआई से बचाव में यू.एस. क्रैनबेरी की भूमिका जानें। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि PACs संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायक हैं।
यूटीआई.
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) दुनिया भर में होने वाले सबसे आम बैक्टीरियल संक्रमणों में से एक है। हरसाल लाखों लोग इससे प्रभावित होते हैं और कई लोगों के लिए यह बार-बार होने वाली समस्या बन जाती है।महिलाओं में इसकी संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है, हालांकि यह पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों को भीप्रभावित कर सकता है। यूटीआई के उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स आज भी सबसे प्रभावी विकल्प हैं, लेकिनहाल के वर्षों में वैज्ञानिक शोध इस बात पर भी ज़ोर दे रहे हैं कि संतुलित आहार और सही खान-पान संक्रमणकी पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी संदर्भ में यू.एस. क्रैनबेरी परकिए गए शोध विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
क्रैनबेरी की सबसे बड़ी विशेषता इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले ए-टाइप प्रोएन्थोसाइनिडिन्स(PACs) हैं। ये ऐसे जैव-सक्रिय यौगिक हैं जो अधिकांश अन्य फलों में नहीं पाए जाते। इनका कार्य बैक्टीरियाको मारना नहीं है, बल्कि संक्रमण पैदा करने वाले ई. कोलाई (E. coli) बैक्टीरिया को मूत्र मार्ग की आंतरिकपरत से चिपकने से रोकना है। जब बैक्टीरिया चिपक नहीं पाते, तो वे मूत्र के माध्यम से स्वाभाविक रूप से शरीरसे बाहर निकल जाते हैं और संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है।
इस प्रक्रिया का समर्थन अनेक वैज्ञानिक अध्ययनों ने किया है। 8,800 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए 50 क्लीनिकल अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि क्रैनबेरी जूस, टैबलेट और कैप्सूल जैसे उत्पाद महिलाओं, बच्चों और कुछ चिकित्सीय प्रक्रियाओं के बाद संक्रमण के अधिक जोखिम वाले लोगों में बार-बार होने वालेयूटीआई की संभावना को कम करने में सहायक हो सकते हैं। यही कारण है कि क्रैनबेरी को आज वैज्ञानिकप्रमाणों पर आधारित एक पूरक आहार विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
यूटीआई की रोकथाम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अच्छी तरह हाइड्रेट रहनेसे बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है। क्रैनबेरी जूस इस संदर्भ में दोहरा लाभ देता है-यहशरीर को तरल पदार्थ उपलब्ध कराता है और साथ ही लाभकारी PACs भी प्रदान करता है। शोध बताते हैं किजिन महिलाओं ने प्रतिदिन अधिक पानी पीना शुरू किया, उनमें संक्रमण की पुनरावृत्ति और एंटीबायोटिक्स कीआवश्यकता दोनों में उल्लेखनीय कमी देखी गई।
वैज्ञानिक अब यह भी अध्ययन कर रहे हैं कि क्रैनबेरी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स बैक्टीरियल बायोफिल्म बनने कीप्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। बायोफिल्म बैक्टीरिया की एक सुरक्षात्मक परत होती है, जो उन्हेंएंटीबायोटिक्स से बचने और दोबारा संक्रमण पैदा करने में मदद करती है। शुरुआती शोध बताते हैं कि क्रैनबेरीइन बायोफिल्म्स के निर्माण को कम करने में सहायक हो सकती है, जिससे शरीर और उपचार दोनों संक्रमण सेअधिक प्रभावी ढंग से लड़ पाते हैं।
ताज़ी, सूखी, जूस या सप्लीमेंट-किसी भी रूप में क्रैनबेरी को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।हालांकि यह चिकित्सकीय सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली, पर्याप्त जल सेवनऔर संतुलित भोजन के साथ इसका सेवन मूत्र मार्ग के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है।एंटीबायोटिक प्रतिरोध की बढ़ती चुनौती के बीच ऐसे प्राकृतिक और वैज्ञानिक रूप से समर्थित निवारक उपायपहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। कई बार प्रकृति हमारे स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सबसे प्रभावीसमाधान छोटे-से लाल फल के रूप में भी प्रस्तुत करती है।
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