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महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

Updated on: 07 July, 2026 06:06 PM IST | Mumbai
Bespoke Stories Studio | bespokestories@mid-day.com

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी।

महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय.

महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय.

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दिए जाने पर महर्षि संस्थान परिवार में हर्ष का माहौल है। संस्थान के पदाधिकारियों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।


कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह विश्वविद्यालय कानपुर जनपद के बिल्हौर में स्थापित किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष *अजय प्रकाश श्रीवास्तव* ने कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के कृषि एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बिल्हौर में विश्वविद्यालय की स्थापना से आसपास के जनपदों के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के विकास के लिए नए द्वार खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी जी की उस दूरदर्शी सोच को साकार करेगा, जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैविक खेती के माध्यम से किसानों एवं समाज के समग्र विकास की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।


इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष *राहुल भारद्वाज* ने योगी सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ महर्षि जी का वह सपना साकार होने जा रहा है, जिसमें भारत को जैविक खेती के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने की परिकल्पना की गई थी।

गवर्निंग बॉडी के मेंबर पंकज शर्मा ने कहा कि इस कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक एवं जैविक खेती की आधुनिक पद्धतियों को पहुँचाया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने, खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक उत्कृष्ट केंद्र बनेगा, जहाँ कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और किसानों के बीच ज्ञान एवं तकनीक का प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा और नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

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