Updated on: 14 October, 2025 12:49 PM IST | Mumbai
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भारत पर्यावास केंद्र में आयोजित हिंदी पक्षोत्सव ने सृजनशीलता, अभिव्यक्ति और हिंदी के प्रचार को नई दिशा दी; विजेताओं को सम्मानित किया गया।
हिंदी पक्षोत्सव
नई दिल्ली: भारत पर्यावास केंद्र (इंडिया हैबिटैट सेंटर) के भारत बोध केंद्र के अंतर्गत नवगठित राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा हिंदी पक्षोत्सव समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन गुलमोहर सभागार में किया गया।
समारोह का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, सृजनशीलता और अभिव्यक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना था। पूरे पक्षोत्सव के दौरान केंद्र के कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे वातावरण हिंदीमय और रचनात्मक बना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक प्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश ने की और वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री अनंत विजय मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कर्मचारियों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा - “यह आयोजन केवल एक भाषाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी मूल भाषा से पुनः साक्षात्कार का क्षण है, जिसने हमें हमारी जड़ों, हमारी मातृभाषा और हमारे स्व से पुनः मिला दिया। हिंदी भाषा की मौलिकता में उसका मूल संस्कृत रहे, उसमें संयोजन नहीं होना चाहिए।”
मुख्य अतिथि ने हिंदी की 100 श्रेष्ठतम कृतियाँ केंद्र के पुस्तकालय को भेंट करने की घोषणा भी की।
प्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश ने कहा - “हिंदी हमारे विचारों की भाषा है - यह केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी चेतना, संस्कृति और संवेदना का आधार है। जब हम अपनी मातृभाषा में सोचते और सृजन करते हैं, तो हम अपने मूल से जुड़ते हैं और अपनी पहचान को पुनः परिभाषित करते हैं। यही जुड़ाव राष्ट्र को सशक्त बनाता है और हमें अपनी जड़ों के प्रति गर्व का बोध कराता है।”
निदेशक के मार्गदर्शन में गठित यह समिति हिंदी के प्रचार, संवर्धन और संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल रही।

समारोह में तीन प्रमुख गतिविधियाँ आयोजित की गईं -
समारोह का समापन विजेताओं को सम्मान-पत्र और पुस्तक कूपन प्रदान कर किया गया। यह आयोजन हिंदी भाषा की आत्मा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक संवाद का एक प्रेरक उदाहरण रहा, जिसने भारत पर्यावास केंद्र में हिंदी की नई चेतना का संचार किया।
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