Updated on: 20 July, 2026 05:56 PM IST | Mumbai
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पुनीत बालन स्टूडियोज की ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए’ को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट एडिटिंग का राष्ट्रीय सम्मान मिला।
75 इयर्स ऑफ एनडीए.
पुनीत बालन स्टूडियोज की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए’ ने 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म के एडिटर मनवीर जसरोटिया को नॉन-फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट एडिटिंग का नेशनल अवॉर्ड मिला है। इस सम्मान ने न सिर्फ डॉक्यूमेंट्री की रचनात्मक गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, बल्कि पुनीत बालन स्टूडियोज के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर सामने आया है।
नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), खड़कवासला की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित यह डॉक्यूमेंट्री भारत की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्था की विरासत, परंपराओं और योगदान को प्रभावशाली सिनेमाई अंदाज़ में प्रस्तुत करती है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए पीढ़ियों से अधिकारियों को तैयार करने वाली इस संस्था के इतिहास को फिल्म में बेहद संवेदनशील और प्रेरक तरीके से दर्शाया गया है।
डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन तनुज भाटिया और तनुका लघाटे ने किया है, जबकि इसकी लेखिका मुग्धा कालरा हैं। फिल्म में रेयर आर्काइवल फुटेज, ऐतिहासिक विजुअल्स, ट्रेनिंग सीक्वेंस, परेड सेरेमनी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का उपयोग किया गया है, जिससे एनडीए की गौरवशाली विरासत दर्शकों के सामने जीवंत हो उठती है।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी एडिटिंग मानी जा रही है। मनवीर जसरोटिया ने दशकों की विजुअल सामग्री को बेहद प्रभावशाली नैरेटिव में पिरोते हुए इतिहास और भावनाओं के बीच शानदार संतुलन बनाया है। उनकी एडिटिंग फिल्म को सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि दर्शकों को एनडीए की संस्कृति, अनुशासन, नेतृत्व और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से भावनात्मक रूप से जोड़ती है। इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें इस वर्ष का नेशनल अवॉर्ड प्रदान किया गया है।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए पुनीत बालन स्टूडियोज के प्रोड्यूसर पुनीत बालन ने कहा, “‘75 इयर्स ऑफ एनडीए’ से जुड़े सभी लोगों के लिए यह नेशनल अवॉर्ड बेहद गर्व का पल है। यह सम्मान नेशनल डिफेंस एकेडमी की विरासत और उन बहादुर अधिकारियों को समर्पित है जिन्होंने अपना जीवन देश सेवा को दिया। हमें खुशी है कि इस प्रेरक सफर को दर्ज करने की हमारी कोशिश को देश का सर्वोच्च सम्मान मिला। मैं एडिटर मनवीर जसरोटिया और पूरी क्रिएटिव टीम को बधाई देता हूँ तथा इस सम्मान को भारतीय आर्म्ड फोर्सेज के साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता को समर्पित करता हूँ।”
पुनीत बालन स्टूडियोज ने इस प्रोजेक्ट को केवल एक डॉक्यूमेंट्री के रूप में नहीं, बल्कि भारत की सैन्य विरासत को सम्मान देने और नई पीढ़ी तक उसकी प्रेरक कहानी पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार किया। व्यापक रिसर्च, ऑथेंटिक डॉक्यूमेंटेशन और हाई प्रोडक्शन वैल्यूज़ के साथ बनी यह फिल्म दर्शकों को एनडीए के गौरवशाली इतिहास और उसके मूल्यों से जोड़ती है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए’ को देशभर के एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स, डिफेंस सर्किल्स, फिल्म फेस्टिवल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर और अधिक दर्शक मिलेंगे। यह सम्मान भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकिंग में टेक्निकल एक्सीलेंस और प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग की बढ़ती अहमियत को भी रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि के साथ पुनीत बालन स्टूडियोज ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सार्थक विषयों पर आधारित सिनेमा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए’ न केवल एक डॉक्यूमेंट्री है, बल्कि भारत की सैन्य परंपरा, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को समर्पित एक सशक्त सिनेमाई श्रद्धांजलि भी है।
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