होम > बिस्पोक स्टोरीज़ स्टूडियो > अन्य > आर्टिकल > सोने-चांदी की रैली खत्म होने के करीब? SEBI विशेषज्ञ अंकित यादव ने बताया कब तक रहेगी तेजी, बजट का भी किया विश्लेषण

सोने-चांदी की रैली खत्म होने के करीब? SEBI विशेषज्ञ अंकित यादव ने बताया कब तक रहेगी तेजी, बजट का भी किया विश्लेषण

Updated on: 03 February, 2026 08:00 PM IST | Mumbai
Bespoke Stories Studio | bespokestories@mid-day.com

बजट 2026 और सोना-चांदी की तेजी पर SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट अंकित यादव का विश्लेषण, जानें निवेश की सही रणनीति।

सोना चांदी निवेश

सोना चांदी निवेश

मेस्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं SEBI पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट है, अंकित की गिनती आज देश के चुनिनिंदा इकोनॉमिस्ट मेंहोती है| केंद्रीय बजट 2026-27 केसाथ-साथ कीमती धातुओं - सोने औरचांदी – के बाजार परभी अपनेविचारसाझा कररहेहैं। अंकित ने बताया कि जहां बजट नेइंफ्रास्ट्रक्चर औरमैन्युफैक्चरिंग पर जोरदिया है, वहीं सोना औरचांदी की तेजी के पीछेबिल्कुल अलग कारण काम कर रहे हैं।


बजट पर संक्षिप्त टिप्पणी

बजट 2026 परसंक्षेप मेंबात करते हुए अंकित यादव नेकहा, "₹12.2 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और सेमीकंडक्टरमिशन 2.0 विकसित भारत की नींव हैं। लेकिन मध्यम वर्गको टैक्सराहत नहीं मिली, यह निराशाजनक है।" हालांकि, अंकित का मुख्य फोकस आज सोने-चांदी के बाजारको समझने परथा।


सोना: सेंट्रल बैंकों की जमाखोरी सेतेजी

देश के जाने माने इकोनॉमिस्ट अंकित यादव नेसमझाया, "सोनेकी तेजी दुनिया भरकेसेंट्रल बैंकों की जबरदस्त खरीदारी सेहोरही है। डॉलर परनिर्भरता कम करनेके लिए दुनिया भरके केंद्रीय बैंक अब बॉन्ड्स, ट्रेजरी जैसी डॉलर एसेट्स लेने के बजाय सीधेरियल करेंसी यानी गोल्ड खरीद रहेहैं। यह एक बड़ा structural shift है।"

उन्होंने आगेकहा, "दुनिया भरके सेंट्रल बैंक पेपर करेंसी का इस्तेमाल खर्चके लिए कर रहे हैं, लेकिन रियल करेंसी - सोना और चांदी - को जमा कर रहे हैं। इसका परिणाम यह होरहा है कि पेपरकरेंसी कमजोर हो रही है औररियल करेंसी मजबूत हो रही है। दुनिया भरकी करेंसी कमजोरहोरही हैं, जिसमेंभारतीय रुपया भी शामिल है।"

चांदी: AI युग की देन

चांदी की तेजी के बारे मेंअंकित नेबिल्कुल अलग तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया, "चांदी औरकुछ हद तक कॉपर की तेजी पूरी तरह सेअलग कारणों सेहै। चांदी मेंतेजी दुनिया भरमेंAI के युग की शुरुआत के कारण हुई है। तकनीकी रूप सेचांदी good conductor of electricity है, जिसके कारण fast data transfer के लिए चिप्स में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।"

"दुनिया भरमेंAI डेटा सेंटर बन रहे हैं, जिससे चांदी की demand में जबरदस्त तेजी दिखाई देरही है," अंकित यादव ने जोड़ा। "भारत मेंभी अगले10 सालों मेंकई AI डेटा सेंटर बननेका योजना है। बजट में भी डेटा सेंटर्सको टैक्स छूट दी गई है। यह चांदी की मांग को और बढ़ाएगा।"

लंबेसमय में क्या होगा?

भविष्य के बारे मेंअंकित ने स्पष्ट विचार रखे। उन्होंने कहा, "चांदी और सोना दोनों अलग-अलग हैं। सोना सेंट्रल बैंक की खरीदारी के कारण अपनी value को hold करेगा, जिसका मतलब हैदाम बहुत ज्यादा नीचेनहीं आएंगे।

लेकिन मेरा ऐसा अनुमान हैकि दाम जिस तेजी से बढ़ेहैं, उस तेजी सेअब नहीं बढ़ेंगे।"

"USA में स्थिर सरकार2029 में अगर आती हैतो gold भी स्थिर हो जाएगा औरअपनी value hold करेगा,

लेकिन appreciation बहुत कम देगा औरशायद ही inflation को beat करपाए," अंकित ने विस्तार से

समझाया। "सालाना लंबेसमय में6-10% का ही मेरा अनुमान है। लेकिन gold हमेशा real currency रहेगा और value hold करेगा।

चांदी: जोखिम भरा निवेश

चांदी के बारेमेंअंकित नेचेतावनी दी, "चांदी काफी ज्यादा volatile हो सकती है क्योंकि अब यह technology की demand से link है, तो इसके बारेमें बताना मुश्किल है। यह बहुत speculative है और बहुत volatile है। समझदार लोग इससे दूर रहें या निवेश का 5% तक ही निवेश करें, इसी में समझदारी है।"

उन्होंनेअंत मेंकहा, "लंबेसमय मेंचांदी सेमेरी अपेक्षाएं बहुत कम हैं औरयह खतरनाक साबित हो सकती है greedy investors के लिए। AI की demand अचानक बढ़ी है, लेकिन यह हमेशा नहींरहेगी। Technology बदलती है, alternatives आते हैं। इसलिए चांदी मेंसावधानी बरतें।"

निवेश की सलाह

अपनी बात समाप्त करते हुए अंकित यादव नेकहा, "सोना portfolio का 10-15% हिस्सा हो सकता है- यह safe haven है। लेकिन चांदी में5% से ज्यादा नहीं जाना चाहिए। बजट नेजो सेक्टरदिए हैं- रेलवे, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, green energy - वहां निवेश करें। वे ज्यादा safe औरpredictable हैं। कीमती धातुओं में diversification के लिए जाएं, मुख्य निवेश के लिए नहीं।"

Disclaimer: The information provided on the Website does not constitute investment advice, financial advice, trading advice, or any other form of advice, and you should not interpret any of the financial content as such. Please conduct your own due diligence and consult with a financial advisor before making any investment decisions. Midday does not endorse or promote any such activities, and you access them at your own risk, fully understanding the monetary and legal consequences involved. Midday shall not be held responsible for any losses you may incur as a result of using any such apps or websites.

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK