Updated on: 19 December, 2025 11:41 AM IST | Mumbai
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REPL ने NHAI के साथ मिलकर NH-40 के किनारे 14,000 पौधों का मियावाकी वृक्षारोपण पूरा किया, जिसका उद्देश्य हरित राजमार्ग की स्थिरता को बढ़ाना है।
आरईपीएल
पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए, रायलसीमा एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड (REPL)-जो इंटराइज़ ट्रस्ट की एक पोर्टफोलियो कंपनी है-ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से एनएच-40 के किनारे 14,000 पौधों का मियावाकी पद्धति से रोपण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस पहल को ज़मीन पर मेकिंग द डिफरेंस – एनजीओ ने लागू किया।
इस वृक्षारोपण का मुख्य उद्देश्य सड़क के किनारे हरियाली बढ़ाना, स्थानीय जैव-विविधता को वापस लाना और राजमार्ग के आसपास के पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
विज्ञान और प्रकृति का संतुलन
इस परियोजना में 50 से अधिक देशी पेड़ और झाड़ी प्रजातियाँ लगाई गई हैं, जिन्हें रायलसीमा क्षेत्र की मिट्टी और मौसम को ध्यान में रखते हुए चुना गया है।
मियावाकी तकनीक के ज़रिये पौधे पास-पास लगाए जाते हैं, जिससे वे तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में घना जंगल बन जाता है। यह तरीका पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी माना जाता है।
उचित मिट्टी तैयार करने, परतों में पौधे लगाने, मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था के कारण यह हरित क्षेत्र आने वाले 3 से 4 वर्षों में एक घने जंगल का रूप ले लेगा, जिसे बाद में बहुत कम देखभाल की आवश्यकता होगी।
वन विभाग की सराहना
इस पहल की तारीफ करते हुए वन अधिकारी श्री विजय कुमार ने कहा:
“एनएच-40 पर किया गया यह मियावाकी वृक्षारोपण वैज्ञानिक दृष्टि से सही और पर्यावरण के लिए बेहद लाभकारी है। देशी पौधों के इस्तेमाल से यहाँ जैव-विविधता बढ़ेगी और क्षेत्र का तापमान व वातावरण भी बेहतर होगा। ऐसी पहलें राजमार्गों के आसपास प्रकृति को दोबारा जीवंत करने में बहुत मददगार होती हैं।”
REPL की सोच
इस अवसर पर REPL के प्रोजेक्ट हेड श्री मदन मोहन ने कहा:
“हम मानते हैं कि सड़कें सिर्फ आवागमन के लिए नहीं होतीं, बल्कि वे आसपास के लोगों और पर्यावरण को भी प्रभावित करती हैं। एनएच-40 पर किया गया यह मियावाकी वृक्षारोपण हमारे लिए सिर्फ एक सीएसआर गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य में बेहतर पर्यावरण के लिए किया गया निवेश है। इससे धूल और गर्मी कम होगी, हवा साफ होगी और राजमार्ग के आसपास रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस काम को सफल बनाने में मेकिंग द डिफरेंस – एनजीओ का योगदान सराहनीय रहा है।”
हरित राजमार्गों की दिशा में NHAI की भूमिका
NHAI ने इस वृक्षारोपण कार्य को सहयोग देकर यह सुनिश्चित किया कि सड़क विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी आगे बढ़े। यह पहल NHAI की उस सोच के अनुरूप है, जिसमें राजमार्गों को हरित, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा है।
मिलकर बनाया गया सकारात्मक प्रभाव

इंटराइज़ ट्रस्ट अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के माध्यम से पर्यावरण से जुड़ी पहलों को लगातार प्रोत्साहित करता रहा है।
मेकिंग द डिफरेंस – एनजीओ ने इस परियोजना में स्थल निरीक्षण से लेकर पौधों की व्यवस्था, सिंचाई, रोपण और निगरानी तक पूरा काम ज़िम्मेदारी से किया, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ गई है।
इस पहल से होने वाले लाभ
इस मियावाकी वृक्षारोपण से आने वाले समय में:
हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी
सड़क किनारे धूल और प्रदूषण कम होगा
पक्षियों और अन्य जीवों के लिए प्राकृतिक आवास बनेगा
कार्बन अवशोषण बढ़ेगा, जिससे जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलेगी
देश के अन्य राजमार्गों के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा
इंटराइज़ ट्रस्ट के बारे में
इंटराइज़ ट्रस्ट एक ऐसा मंच है जो कंपनियों के साथ मिलकर पर्यावरण और समाज के लिए सार्थक बदलाव लाने का काम करता है।
मेकिंग द डिफरेंस – एनजीओ के बारे में मेकिंग द डिफरेंस चैरिटेबल ट्रस्ट एक पंजीकृत गैर-सरकारी संगठन है, जो पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आजीविका जैसे क्षेत्रों में देश के कई राज्यों में काम कर रहा है।
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