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जनता की छोरी और `छोरियां चली गांव` की धड़कन कृष्णा श्रॉफ

Updated on: 01 October, 2025 09:25 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

रिकॉर्ड तोड़ नौ बार छोरी नंबर 1 का खिताब जीतने वाली, वह अब तक की सबसे प्रसिद्ध घर की सदस्य थीं, और उन्होंने सबसे ज़्यादा बार यह खिताब जीता.

कृष्णा श्रॉफ

कृष्णा श्रॉफ

ज़ी टीवी के रियलिटी शो छोरियाँ चली गाँव में अगर कोई एक प्रतियोगी लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रही है, तो वह कृष्णा श्रॉफ हैं. पूरे सीज़न के दौरान कृष्णा ने न सिर्फ़ भाग लिया, बल्कि उन्होंने शो पर राज किया. रिकॉर्ड तोड़ नौ बार छोरी नंबर 1 का खिताब जीतने वाली, वह अब तक की सबसे प्रसिद्ध घर की सदस्य थीं, और उन्होंने किसी भी अन्य प्रतियोगी की तुलना में सबसे ज़्यादा बार यह खिताब जीता. सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें बसेरा की अंतिम मालकिन घोषित किया गया, जिससे उनकी यात्रा एक उच्च स्तर पर समाप्त हुई, जिसने उनके नेतृत्व, ताकत और पूरे शो में उनकी मज़बूत उपस्थिति को और भी ज़ोरदार ढंग से दर्शाया.

कृष्णा की यात्रा को और भी प्रेरणादायक बनाता है उसका शुरुआती बिंदु. जब कृष्णा बमुलिया गांव आईं, तो उन्हें ग्रामीण जीवन का कोई अनुभव नहीं था. न कोई पूर्व जानकारी, न कोई मार्गदर्शन. लेकिन शून्य से शुरू करके, उन्होंने जिस तरह पूरे दिल से गांव, उसकी रीति-रिवाजों और उसके लोगों को सहजता और पूरे दिल से अपनाने तक, कृष्णा का परिवर्तन उल्लेखनीय से कम नहीं था. शो के शुरुआती एपिसोड में से एक में, कृष्णा ने एक विशेष रूप से भावुक कर देने वाले टास्क के बाद कहा था कि "जो कृष्णा इस शो में आई है, वह जाते समय बिल्कुल अलग होगी." और अपने शब्दों के अनुसार, उसने खुद को पूरी तरह से `छोरियाँ चली गाँव` (शो) में डुबो दिया और इसके बदले में गांव वालों का भरोसा और स्नेह अर्जित किया. 


हर मायने में, कृष्णा जनता की छोरी बन गईं – शो की असली भावना को जीती हुई. और आँकड़े इसकी पुष्टि करते हैं. सेट पर मौजूद एक सूत्र के अनुसार, कृष्णा ने उन तीनों गाँवों में वोटों में बढ़त हासिल की जहाँ फाइनलिस्टों ने प्रचार किया था, जिसमें बमुलिया भी शामिल था, वही गाँव जिसे वे शो के दौरान अपना घर कहते थे. उन्होंने न केवल टास्क जीते, बल्कि दिल भी जीते, चाहे वो गांवों में ऑफलाइन हो या इंटरनेट पर मौजूद दर्शकों के बीच.



अपनी लगातार शानदार परफॉर्मेंस, भावनात्मक विकास और हर चुनौती को ज़मीन से जुड़े तरीके से स्वीकारने के कारण, कृष्णा श्रॉफ सबसे योग्य फाइनलिस्ट बनकर उभरीं – एक ऐसी कंटेस्टेंट जिन्होंने सिर्फ शो में टिके रहने की कोशिश नहीं की, बल्कि उसमें खुद को ढाल कर, उसे जिया और एक ऐसी विरासत छोड़ी जो दृढ़ता, विनम्रता और जुड़ाव पर आधारित है.


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