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`तुझसे नाराज नहीं जिंदगी` फेम सिंगर अनूप घोषाल का निधन, 77 साल की उम्र में कहा अलविदा

Updated on: 16 December, 2023 01:39 PM IST | mumbai
Ujwala Dharpawar | ujwala.dharpawar@mid-day.com

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

Anup Ghoshal Passes Away

Anup Ghoshal Passes Away

Anup Ghoshal Passes Away: साल 1983 की फिल्म `मासूम` के `तुझसे नाराज नहीं जिंदगी` गाने के लिए जाने जाने बंगाली गायक अनूप घोषाल का निधन हुआ है. शुक्रवार को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. वह 77 वर्ष के थे. उनकी दो  बेटियां हैं. अनूप घोषाल के परिवार ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि `वह पिछले कई दिनों से वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों के कारण दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. दोपहर 1.40 बजे कई अंगों की विफलता के कारण उनका निधन हो गया.` आपको बता दें, गायक ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर उत्तरपाड़ा सीट से 2011 का विधानसभा चुनाव सफलतापूर्वक लड़ा था. इसके बाद उनकी काफी चर्चा हुई थी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, `मैं बांग्ला, हिंदी और अन्य भाषाओं में गाने वाले अनूप घोषाल के निधन पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त करती हूं.` 

एक प्रखर गायक, घोषाल ने काजी नज़रुल इस्लाम, रवीन्द्रनाथ टैगोर और आधुनिक बंगाली गीतों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित करने में सफलता हासिल की. एक पार्श्व गायक के रूप में, वह रे की `गोपी गाइन बाघा बाइन` (द एडवेंचर्स ऑफ गूपी एंड बाघा, 1969) और `हीरक राजार देशे` (किंगडम ऑफ डायमंड्स, 1980) से जुड़े रहे थे. बता दें, डायरेक्टर तपन सिन्हा ने अपनी फिल्म `सगीना महतो` (1971) में भी उनकी आवाज का इस्तेमाल किया था. घोषाल पार्श्व गायक थे, उनमें `फुलेश्वरी`, `मरजीना अब्दुल्ला` और `छदमबेशी` शामिल हैं. हालाँकि, गुलज़ार द्वारा निर्देशित `मासूम` में `तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी` के उनके गायन ने पूरे देश में दिल जीत लिया. 


बंगाली और हिंदी फिल्मों के अलावा बंगाली गायक अनूप घोषाल ने असमिया और भोजपुरी जैसी कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाने गाए. घोषाल का जन्म 1945 में हुआ था। संगीत की पहली दीक्षा उन्हें बचपन में अपनी मां लाबन्या घोषाल से मिली थी. बाद में उन्होंने पंडित सुखेंदु गोस्वामी से शास्त्रीय संगीत सीखा और बाद में कोलकाता के रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय में एमए शास्त्रीय संगीत में टॉपर बने.


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