Updated on: 03 February, 2024 08:54 AM IST | mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
हिन्दू पंचाग के सबसे पवित्र माह की शुरुआत 26 जनवरी से हो चुकी है. हम बात कर रहें हैं माघ मास की. हिन्दू पंचाग के 11वें मास माघ का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस माह में गंगा स्नान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.
माघ मास में गंगा स्नान का है विशेष महत्व
हिन्दू पंचाग के सबसे पवित्र माह की शुरुआत 26 जनवरी से हो चुकी है. हम बात कर रहें हैं माघ मास की. हिन्दू पंचाग के 11वें मास माघ का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस माह में गंगा स्नान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है. संगम के दौरान माघ मास में कई लोग गंगा तटों पर ही रहते भी हैं, इसे कल्पवास भी कहा जाता है.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास के दौरान यदि आप स्नान, दान और जप-तप नहीं कर पाते हैं तो आपको माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान अवश्य कर लेना चाहिए. इससे पूरे माह का शुभफल भी एक दिन में प्राप्त हो जाता है. इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान से पूरे एक माह के स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं. यही वजह है इस दिन वाराणसी सहित सभी धार्मिक नगरी में गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लोगों की भीड़ लगी होती है. वाराणसी के साथ ही उत्तर भारत के सभी गंगा घाटों पर भीड़ रहती है.
हिन्दू धर्म में माघ माह को धार्मिक महीना माना जाता है. इसके साथ ही माघ का महीना आध्यात्मिक विधियों ( Magh Month significance)के लिए कल्याणकारी होता है. इस दौरान कई भक्त देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु की उपासना और उपवास करते हैं. इसके साथ ही गंगा आरती और गंगा स्नान का भी माघ में विशेष प्रावधान होता है.
इन कामों से मिलता है शुभफल
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