Updated on: 13 September, 2025 01:12 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
पुलिस ने आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1), 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की.
प्रतीकात्मक छवि
मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को मिले एक फर्जी बम धमकी वाले ईमेल के सिलसिले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1), 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है. इस धारा का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से झूठी सूचना या भयावह समाचारों के प्रकाशन को आपराधिक घोषित करके, या विभिन्न समूहों के बीच द्वेष की भावना पैदा करने का इरादा रखने वाले, या सेना, नौसेना या वायु सेना के जवानों को अपने कर्तव्य का पालन न करने के लिए प्रेरित करने वाले सार्वजनिक शरारती कृत्यों से निपटना है.
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रिपोर्ट के मुताबिक हाईकोर्ट प्रशासन को शुक्रवार दोपहर बम की धमकी वाला एक ईमेल मिला, जिसके कारण लगभग दो घंटे तक सुनवाई स्थगित करनी पड़ी. हालांकि, यह एक अफवाह निकली क्योंकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. ईमेल में, भेजने वाले ने इमारत में बम विस्फोट का उल्लेख किया था.गहन तलाशी के बाद, लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई और अदालत ने अपना कामकाज फिर से शुरू कर दिया. 12 सितंबर को, दिल्ली उच्च न्यायालय को एक ईमेल मिला जिसमें अदालत परिसर और उसके आसपास बम होने की चेतावनी दी गई थी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और अदालती कार्यवाही बाधित हुई.
धमकी के बाद, उच्च न्यायालय की सभी बेंचें तुरंत उठ खड़ी हुईं और वकीलों, वादियों और कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाला गया. बाद में, दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्तों सहित सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी. रिपोर्ट के अनुसार इसके अतिरिक्त, एहतियात के तौर पर, इलाके में दमकल की गाड़ियाँ और एम्बुलेंस भी तैनात कर दी गईं. खोजी कुत्तों के साथ टीमों ने परिसर की तलाशी भी ली.
यह धमकी भरा ईमेल उच्च न्यायालय के कर्मचारियों को संबोधित था, जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान और तमिलनाडु पवित्र शुक्रवार के विस्फोटों के लिए मिलीभगत करेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक धमकी की विषय पंक्ति में लिखा था, "पाकिस्तान और तमिलनाडु पवित्र शुक्रवार के विस्फोटों के लिए मिलीभगत कर रहे हैं. न्यायाधीश कक्ष/अदालत परिसर में 3 बम रखे गए हैं. दोपहर 2 बजे तक खाली कर दें."
पत्र में आगे कहा गया था कि बम दोपहर की इस्लामी नमाज़ के तुरंत बाद फट जाएगा. पत्र में दावा किया गया है, "पुलिस के अंदर 2017 से ही इस पवित्र शुक्रवार के लिए तैयारियाँ चल रही हैं. उदाहरण के तौर पर, आज आपके दिल्ली उच्च न्यायालय में हुआ विस्फोट पिछले छलावों का संदेह दूर कर देगा. दोपहर की इस्लामी नमाज़ के तुरंत बाद जज चैंबर में विस्फोट होगा." फ़िलहाल, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आज एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पुलिस इस मामले की जाँच शुरू कर चुकी है और ईमेल के स्रोत की जाँच कर रही है.
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