ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तों के उत्साह ने माहौल को और भी पवित्र और हर्षोल्लास से भर दिया. (Photos / Shadab Khan)
माता दुर्गा की मूर्ति को बड़े धूमधाम से सजाकर, भक्तों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए पंडाल तक पहुंचाया.
यह दृश्य न केवल भक्ति भावना का प्रतीक था, बल्कि मुंबई में त्योहारों की जीवंतता को भी दर्शाता है. पंडाल तक मूर्ति पहुंचाने के इस आयोजन में न केवल स्थानीय भक्त, बल्कि दूर-दूर से आए लोग भी शामिल थे.
सबके चेहरे पर उत्साह और भक्ति का भाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई माता के स्वागत में डूबा हुआ था. भक्तों की मान्यता है कि इस समय माता दुर्गा पृथ्वी पर अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए आती हैं और उनके नौ रूपों की पूजा करके भक्त जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति करते हैं.
शारदीय नवरात्रि का पर्व 3 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है, जो पूरे नौ दिनों तक चलेगा. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है.
हर दिन एक विशेष रूप का पूजन किया जाता है, जिससे भक्त मां से अपनी रक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं. नवरात्रि के दौरान पंडालों में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें भक्त श्रद्धा और उल्लास के साथ भाग लेते हैं.
नवरात्रि का त्यौहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक भी है. इस पर्व के माध्यम से लोग अपने परिवार और समाज के साथ जुड़ते हैं, और सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आराधना करते हैं.
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