Updated on: 20 September, 2025 11:24 AM IST | Mumbai
विश्व समुद्र तट स्वच्छता दिवस के अवसर पर वर्सोवा में `समुद्र माझा, मी समुद्राचा` अभियान चलाया गया. मंत्री नितेश राणे ने `प्लास्टिक मुक्त कोलीवाडे` की घोषणा की और समुद्र संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाई.
X/Pics, Nitesh Rane
विश्व समुद्र तट स्वच्छता दिवस के अवसर पर आज वर्सोवा वेसावे समुद्र तट सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में ``समुद्र माझा, मी समुद्राचा`` स्वच्छता अभियान चलाया गया. यह अभियान समुद्र की सफाई और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया.
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मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने इस अवसर पर `प्लास्टिक मुक्त कोलीवाडे` की घोषणा की और मत्स्य विभाग तथा समुद्री सीमा मंच के माध्यम से चल रहे स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया. उन्होंने स्थानीय मछुआरों और नागरिकों से अपील की कि वे समुद्र को अपने घर की तरह मानकर उसकी सफाई और सुरक्षा में योगदान दें.
"प्लास्टिक मुक्त कोळीवाडे"
— Nitesh Rane (@NiteshNRane) September 20, 2025
स्वच्छता अभियान – वर्सोवा कोळीवाडा
आज वर्सोवा कोळीवाडा येथे राबविण्यात आलेल्या स्वच्छता अभियानात सहभागी होण्याची संधी मिळाली. या मोहिमेत स्थानिक नागरिक, स्वयंसेवी संस्था आणि मच्छीमार बांधवांनी उत्साहाने सहभाग नोंदवला. सर्वांनी मनापासून स्वीकारले की… pic.twitter.com/iMUEI9zgYG
मछुआरों की आजीविका समुद्र पर आधारित है, लेकिन अनजाने में समुद्र में फेंका गया प्लास्टिक और अन्य कचरा मछलियों के जाल में फंस जाता है. इससे न केवल मछली उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि समुद्र तट पर गंदगी का साम्राज्य फैल जाता है और पर्यावरणीय संकट पैदा होता है.
अभियान के दौरान मत्स्य विभाग और समुद्री सीमा मंच के अधिकारियों ने समुद्र तट पर जमा प्लास्टिक, बोतलें, थैलियाँ और अन्य कचरा इकट्ठा किया. स्थानीय स्कूलों और स्वयंसेवी संस्थाओं के बच्चों ने भी इसमें भाग लिया और पोस्टर, स्लोगन और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया.
मंत्री राणे ने कहा, “अगर हम अनजाने में समुद्र में कचरा फेंकते हैं, तो हम मछलियों और मछुआरों की आजीविका को नुकसान पहुँचाते हैं. समुद्र हमारी जिम्मेदारी है और इसे स्वच्छ रखना हम सभी का कर्तव्य है.” उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों के मन में यह भावना पैदा करना है कि समुद्र हमारी आजीविका और जीवन का हिस्सा है.
``समुद्र माझा, मी समुद्राचा`` अभियान ने यह संदेश दिया कि समुद्र की सफाई और संरक्षण में सभी की भागीदारी आवश्यक है, और यदि समुदाय मिलकर प्रयास करे, तो समुद्र तटों को स्वच्छ, सुरक्षित और जीवनदायिनी बनाया जा सकता है.
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