Updated on: 01 June, 2025 12:52 PM IST | Mumbai
Ujwala Dharpawar
भारत का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल सुप्रिया सुले के नेतृत्व में तीन दिवसीय दौरे पर इथियोपिया पहुंचा है. इस यात्रा का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख प्रस्तुत करना है.
X/Pics, Supriya Sule
भारत का एक उच्चस्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय यात्रा पर इथियोपिया पहुंचा है. इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट और सख्त रुख पेश करना है. इस डेलीगेशन का नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले कर रही हैं. उनके साथ केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अनुराग ठाकुर समेत विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं.
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प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैठकों और संवादों में भाग लेंगे, जहां वे भारत के सुरक्षा दृष्टिकोण, आतंकवाद के खतरों और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देंगे. भारत का उद्देश्य इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश देना है कि आतंकवाद केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की समस्या है, और इसे खत्म करने के लिए वैश्विक एकजुटता जरूरी है.
#WATCH अदीस अबाबा, इथियोपिया: NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "हमारे लिए देश पहले आता है, राज्य दूसरे नंबर पर, पार्टी तीसरे नंबर पर और फिर हमारा परिवार। हम सभी दलों की एक टीम के रूप में यहां आए हैं। मेरे लिए, हमारा प्रतिनिधिमंडल एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल है, क्योंकि अधिकांश… pic.twitter.com/62wHEciAdg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 31, 2025
मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा, “हमारे लिए देश पहले आता है, राज्य बाद में, पार्टी तीसरे स्थान पर और फिर परिवार. हम यहां एकजुट भारत का प्रतिनिधित्व करने आए हैं, न कि किसी राजनीतिक दल का. यह डेलीगेशन मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि इसमें कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने केंद्र और राज्य दोनों में महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया है.”
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की यात्राएं केवल राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक छवि और उसकी विदेश नीति को मजबूत करने के लिए होती हैं. “हम यहां केवल भारतीय झंडे के नीचे खड़े हैं,” उन्होंने जोड़ते हुए कहा.
इस प्रतिनिधिमंडल की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक मंचों पर आतंकवाद, कट्टरता और सीमा-पार हमलों जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका को अधिक गंभीरता से देखा जा रहा है. भारत ने पिछले वर्षों में संयुक्त राष्ट्र सहित कई मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
यह यात्रा भारत की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक स्तर पर अपने सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
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