Updated on: 25 September, 2025 10:07 AM IST | Mumbai
मराठवाड़ा में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. कई खेत बह गए, फसलें नष्ट हुईं और किसानों की हालत गंभीर है.
X/Pics, Aaditya Thackeray
मराठवाड़ा में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से हाहाकार मच गया है. कई घर, फसलें और जानवर बहकर नष्ट हो गए हैं. कई किसानों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी. इस आपदा ने क्षेत्र के लोगों की ज़िंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस संकट के बीच शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के नेता और सांसद आदित्य ठाकरे ने सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत राशि देने की मांग की है. उन्होंने पत्र को सोशल मीडिया पर भी साझा किया है, ताकि सरकार पर दबाव बढ़े और मदद समय पर मिल सके.
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आदित्य ठाकरे ने पत्र में लिखा कि मराठवाड़ा सहित राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है. कई जगह खेतों की मिट्टी बह गई है और फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं. उन्होंने कहा कि कई किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है, जो बेहद दुखद स्थिति है. ऐसे हालात में राज्य सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाकर किसानों को राहत पहुँचानी चाहिए.
महाराष्ट्रात आलेल्या अस्मानी संकटामुळे शेतकरी बांधवांचे अतोनात नुकसान झाले आहे. त्यांना तातडीची मदत मिळावी व कर्जमाफी व्हावी अशी मागणी करणारे, पत्र आज मी माननीय मुख्यमंत्र्यांना दिले.
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) September 24, 2025
ते ह्या मागण्यांची दखल घेऊन त्वरीत उपाययोजना करतील आणि घोषणांच्या पुढे जाऊन मदत करतील, अशी आशा… pic.twitter.com/qXwnohqJTy
ठाकरे ने पत्र में यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने पहले अपने भाषणों में किसानों को समय पर कर्ज माफी का वादा किया था. अब समय आ गया है और प्रदेश के किसानों को कर्ज माफी की बेहद आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि पिछली प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सरकार पर 15,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं, जबकि अब तक केवल 2,339 करोड़ रुपये ही स्वीकृत हुए हैं. राहत राशि किसानों तक पहुँचने में अभी काफी समय लग रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है.
आदित्य ठाकरे ने कहा कि चूंकि राज्य में किसानों का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, इसलिए पंचनामा करने की आवश्यकता नहीं है. सभी प्रभावित किसानों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया और देरी के राहत राशि दी जानी चाहिए.
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि समय पर राहत देने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं. ठाकरे ने चेतावनी दी कि यदि राहत कार्यों में देर हुई तो शेतकरों की स्थिति और गंभीर हो जाएगी. उन्होंने कहा, “राज्य के अन्नदाता गहरे संकट में हैं और उनकी मदद करना सरकार का कर्तव्य है. उन्हें अपेक्षित और पर्याप्त सहायता तुरंत मिलनी चाहिए.”
इस बीच, उद्धव ठाकरे आज मराठवाड़ा का दौरा कर शेतकरों की समस्याओं का जायजा लेंगे. जानकारी के अनुसार, ठाकरे का यह दौरा किसानों की समस्याओं को नज़दीक से समझने और सरकार तक उनकी आवाज पहुँचाने के लिए होगा.
खैर,आदित्य ठाकरे की यह पहल सरकार के लिए दबाव बढ़ाने वाली साबित हो सकती है, जिससे प्रभावित किसानों को राहत जल्दी मिल सके.
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