Updated on: 26 September, 2025 08:19 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
फडणवीस ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्हें बाढ़ की स्थिति और नुकसान की जानकारी दी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति और नुकसान की जानकारी दी है और उनसे एनडीआरएफ के माध्यम से राज्य की पूरी मदद करने का अनुरोध किया है. तस्वीर/पीटीआई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में हाल ही में हुई भारी बारिश से हुए नुकसान से पीड़ित किसानों के लिए उनकी सहायता मांगी. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार फडणवीस ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्हें बाढ़ की स्थिति और नुकसान की जानकारी दी गई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने अपनी और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों की ओर से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है. हमने उन्हें महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति और नुकसान की जानकारी दी है और उनसे एनडीआरएफ के माध्यम से राज्य की पूरी मदद करने का अनुरोध किया है."
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रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार से इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजने को कहा है, जिस पर रचनात्मक रूप से विचार किया जाएगा." बैठक के दौरान, फडणवीस ने महाराष्ट्र में एक रक्षा गलियारे के विकास की योजना भी प्रस्तुत की, जिसमें अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला गया.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 8-9 अक्टूबर को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारर के साथ अंतर्राष्ट्रीय फिनटेक महोत्सव के उद्घाटन के लिए महाराष्ट्र का दौरा करेंगे. इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और मेट्रो-3 परियोजनाओं का उद्घाटन करने की भी उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने नवी मुंबई हवाई अड्डे का नाम डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है.
फडणवीस ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से नई दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास पर भी मुलाकात की. रिपोर्ट के मुताबिक किसानों की ऋण माफी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वादे पर पूछे गए सवालों के जवाब में, फडणवीस ने कहा कि इस मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई है.उन्होंने कहा, "हम अपने घोषणापत्र में दिए गए ऋण माफी के वादे को निश्चित रूप से पूरा करेंगे. इस संबंध में एक समिति गठित की गई है जो ऋण माफी पर निर्णय लेगी. ऋण माफी बार-बार नहीं की जा सकती, इसलिए हमारा ध्यान इस बात पर होगा कि इसे और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए." उन्होंने यह भी कहा कि खरीफ फसल के लिए लिए गए ऋण को अगले वर्ष चुकाना होगा. फडणवीस ने कहा, "किसानों की तत्काल चिंता उनके खातों में मदद पहुँचना है. इसलिए यह मदद पहुँचाना हमारी प्राथमिकता होगी."
प्रस्तावित रक्षा गलियारे पर, फडणवीस ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के समक्ष तीन संभावित क्षेत्रों का प्रस्ताव रखा: पुणे-अहिल्यानगर-छत्रपति संभाजीनगर, नासिक-धुले, या नागपुर-वर्धा-अमरावती. राज्य में रक्षा निर्माण क्षेत्र में पहले ही 60,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, और यह गलियारा 3-5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर सकता है. फडणवीस ने गढ़चिरौली को इस्पात उत्पादन केंद्र बनाने की योजना पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, "गढ़चिरौली में, हमने प्रधानमंत्री से गढ़चिरौली खनन निगम को खदानें आवंटित करने का अनुरोध किया है, ताकि अगर हम इसे ठीक से विकसित करें, तो हम भारत में सबसे सस्ता इस्पात बना सकें." उन्होंने आगे कहा, "गढ़चिरौली में चीन की तुलना में कम लागत पर इस्पात निर्माण की क्षमता है. हम ग्रीन स्टील के क्षेत्र में भी कदम रख सकते हैं. प्रधानमंत्री ने इस मामले पर रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाया है. हमें गढ़चिरौली को एक इस्पात केंद्र के रूप में विकसित करना होगा; यह पूरे देश की इस्पात आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है."
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