Updated on: 02 September, 2025 08:48 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
महाराष्ट्र के नांदेड़ में पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया है.
फ़ाइल तस्वीर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे के 5 दिनों से चल रहे अनशन को वापस लेने के फैसले की सराहना की और कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के हित में एक समाधान निकाला है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के नांदेड़ में पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया है.
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रिपोर्ट के मुताबिक 29 अगस्त को भूख हड़ताल शुरू करने वाले मनोज जरांगे ने मंगलवार दोपहर महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनकी अधिकांश माँगों को स्वीकार करने के बाद अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया, जिसमें पात्र मराठा कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल है, जिससे वे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण लाभों के पात्र बन जाएँगे. 43 वर्षीय कार्यकर्ता ने साउथ मुंबई के आज़ाद मैदान में भाजपा के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, जो मराठा आरक्षण पर कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख हैं, द्वारा दिए गए एक गिलास फलों के रस को स्वीकार किया और इसी के साथ उनका अनशन पूरा हो गया. उन्होंने दावा किया था कि मराठवाड़ा क्षेत्र के मराठा कुनबी (एक ओबीसी समुदाय) हैं और गाँव स्तर पर गठित होने वाली तीन सदस्यीय समिति को मराठा समुदाय के कुनबी दर्जे का पता लगाने के लिए मिले 58 लाख अभिलेखों पर विचार करना होगा.
इस बारे में बोलते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मनोज जरांगे ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "मैं उप-मुख्यमंत्रियों (एकनाथ शिंदे और अजित पवार) के साथ-साथ राधाकृष्ण विखे पाटिल, जो कैबिनेट उप-समिति (मराठा आरक्षण पर) के प्रमुख हैं, का धन्यवाद करता हूँ."
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जाति प्रमाण पत्र व्यक्तियों को दिया जा सकता है, समुदाय को नहीं. रिपोर्ट के मुताबिक
उन्होंने कहा कि जब आप राजनीति में होते हैं, तो आलोचना आपको विचलित नहीं करनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने समुदाय के कल्याण के लिए काम किया है.
फडणवीस ने कहा, "मेरा उद्देश्य मराठा समुदाय को न्याय दिलाना था. मेरी सरकार हमेशा मराठों के कल्याण पर केंद्रित रही है और मैं महाराष्ट्र के सभी समुदायों के लिए काम करता रहूँगा, चाहे वे मराठा हों या ओबीसी." उन्होंने आगे कहा, "हमने उन्हें जरांगे की मांगों से जुड़े कानूनी मुद्दों से अवगत कराया." मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मराठों को आरक्षण देने को लेकर ओबीसी में कुछ गलतफहमी है, लेकिन यह गलत है.
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