Updated on: 25 September, 2025 06:51 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
अगली पीढ़ी की मिसाइल के परीक्षण के एक दिन बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि इसने भारत को उन देशों के समूह में शामिल कर दिया है जिनके पास ऐसी प्रणाली लॉन्च करने की क्षमता है.
चित्र/X
भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, जिससे देश भर में इस मिसाइल को तैनात करने की उसकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार अगली पीढ़ी की इस मिसाइल के परीक्षण के एक दिन बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि इसने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है जिनके पास रेल नेटवर्क से ऐसी हथियार प्रणाली लॉन्च करने की क्षमता है.
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रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सामरिक बल कमान (एसएफसी) के सहयोग से बुधवार को पूर्ण परिचालन परिदृश्य में मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का "सफल" प्रक्षेपण किया. इस हथियार प्रणाली के परीक्षण स्थल का खुलासा नहीं किया गया है. सिंह ने कहा कि विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से किया गया "अपनी तरह का पहला" प्रक्षेपण बिना किसी पूर्व शर्त के रेल नेटवर्क पर चलने की क्षमता रखता है, और यह उपयोगकर्ताओं को देश भर में गतिशीलता प्रदान करता है और कम प्रतिक्रिया समय में प्रक्षेपण की अनुमति देता है.
उन्होंने एक्स पर कहा, "इस सफल उड़ान परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है जिनके पास चलते-फिरते रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करने की क्षमता है." रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल अत्याधुनिक संचार प्रणालियों और सुरक्षा तंत्रों सहित सभी स्वतंत्र प्रक्षेपण क्षमता सुविधाओं से लैस है.
इसमें कहा गया है, "मिसाइल के प्रक्षेप पथ पर विभिन्न ग्राउंड स्टेशनों द्वारा नज़र रखी गई और यह सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करने वाला एक आदर्श प्रक्षेपण था. यह सफल प्रक्षेपण भविष्य की रेल-आधारित प्रणालियों को सेवाओं में शामिल करने में सक्षम बनाएगा." रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रक्षेपण के साक्षी डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक और सामरिक बल कमान के अधिकारी थे. अग्नि-प्राइम के "रोड मोबाइल" संस्करण को कई सफल उड़ान परीक्षणों के बाद पहले ही सेवाओं में शामिल किया जा चुका है. इस मिसाइल का परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के साढ़े चार महीने बाद हुआ है. इससे पहले मंगलवार को, राजनाथ सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत का आत्मनिर्भर भारत का विज़न केवल अपनी ज़रूरतों के लिए विनिर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसी क्षमताएँ विकसित करना है जो भारत को दुनिया के लिए उन्नत तकनीक और उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों का एक विश्वसनीय स्रोत बनने में सक्षम बनाएँ.
सिंह और उनके मोरक्को के समकक्ष अब्देलतीफ़ लौदी ने मंगलवार को मोरक्को के बेरेचिड में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) की अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण सुविधा का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. राजनाथ सिंह ने इस अवसर को भारत और मोरक्को के बीच विकसित हो रही रणनीतिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण बताया.
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