Updated on: 24 September, 2025 10:28 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
चुनाव आयोग ने दिन में पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2021 से खाली पड़ी चार सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे.
प्रतीकात्मक तस्वीर
बुधवार को जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने केंद्र शासित प्रदेश से राज्यसभा की चार रिक्त सीटों पर अगले महीने चुनाव कराने के चुनाव आयोग (ईसी) के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देर आए दुरुस्त आए. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग ने दिन में पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2021 से खाली पड़ी चार सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और प्रांतीय सचिव शेख बशीर ने कहा, "देर आए दुरुस्त आए.
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा के चुनाव बहुत पहले होने थे. अब यह एक स्वागत योग्य कदम है." चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता ज़ोरावर सिंह जामवाल ने कहा, "चुनाव आयोग ने आज राज्यसभा की चार रिक्त सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की. यह एक स्वागत योग्य कदम है."
उन्होंने आगे कहा, "निर्वाचित होने के बाद, ये नए सांसद संसद में जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाएंगे." रिपोर्ट के मुताबिक 15 फ़रवरी, 2021 से, जिस दिन गुलाम नबी आज़ाद और नज़ीर अहमद लावे ने अपना कार्यकाल पूरा किया था, तब से इस केंद्र शासित प्रदेश का संसद के ऊपरी सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. दो अन्य सदस्यों, फ़याज़ अहमद मीर और शमशेर सिंह मन्हास ने उसी वर्ष 10 फ़रवरी को अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था.
जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, राज्यसभा के चार सदस्य केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले थे, लेकिन उस समय आवश्यक निर्वाचक मंडल की अनुपस्थिति के कारण पिछले सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सीटें खाली रहीं. रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के गठन के साथ, अब द्विवार्षिक चुनाव कराने के लिए निर्वाचक मंडल मौजूद है.
ADVERTISEMENT