Updated on: 24 September, 2025 07:47 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
उन्होंने बताया कि घटना के बाद, हवाई अड्डे के डॉक्टर ने यात्री को एक इंजेक्शन और एंटीबायोटिक गोलियाँ दीं.
प्रतीकात्मक छवि
इंदौर के एक अस्पताल में चूहों के हमले में दो नवजात बच्चियों की मौत पर आक्रोश अभी थमा भी नहीं है कि एक यात्री ने स्थानीय हवाई अड्डे पर चूहे के काटने का दावा किया है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इंदौर से बेंगलुरु जा रहे एक व्यक्ति को मंगलवार को इंदौर हवाई अड्डे के प्रस्थान क्षेत्र में कथित तौर पर चूहे ने काट लिया. उन्होंने बताया कि घटना के बाद, हवाई अड्डे के डॉक्टर ने यात्री को एक इंजेक्शन और एंटीबायोटिक गोलियाँ दीं. देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डे के निदेशक विपिनकांत सेठ ने को बताया कि यात्री को संभवतः चूहे ने काटा था और उसे तुरंत उचित उपचार दिया गया.
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रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, "इस घटना के बाद हमने हवाई अड्डे परिसर में एक बार फिर कीट नियंत्रण अभियान चलाया है." अधिकारियों के अनुसार, 31 अगस्त और 1 सितंबर की रात को शहर के सरकारी महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में चूहों के हमले में विभिन्न जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई. घोर लापरवाही के आरोपों का सामना कर रहे एमवायएच प्रशासन ने दावा किया है कि ये मौतें चूहों के काटने से संबंधित नहीं थीं, तथा दोनों नवजात शिशुओं की मृत्यु विभिन्न जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सशस्त्र बल अक्टूबर के पहले सप्ताह में मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) द्वारा आयोजित अभ्यास के दौरान अपने कुछ ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों की क्षमताओं का परीक्षण करेंगे. सूत्रों ने बताया कि यह अभ्यास 6 से 10 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में कहीं आयोजित किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार वायु रक्षा प्रणालियों पर एक सम्मेलन में अपने संबोधन में, मुख्यालय आईडीएस में एकीकृत रक्षा स्टाफ (ओपीएस) के उप प्रमुख, एयर मार्शल राकेश सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर से सीखे गए सबक और सैन्य सोच एवं योजना में प्रतिद्वंद्वी से "आगे रहने" की आवश्यकता पर भी बात की.
उन्होंने आधुनिक युद्धों की बढ़ती जटिलता और अप्रत्याशितता के पीछे तकनीक और आश्चर्य के सम्मिश्रण को मुख्य कारण बताया. रिपोर्ट के मुताबिक सिंह ने कहा, "भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं होंगे; वे तकनीक, बुद्धिमत्ता, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का संयुक्त खेल होंगे. जो राष्ट्र तकनीक, रणनीति और अनुकूलनशीलता के त्रिकोण में निपुण होगा, वही सच्ची वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा. यह इतिहास से सीखने और एक नया इतिहास लिखने का समय है. यह भविष्य का अनुमान लगाने और उसे आकार देने का समय है".
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