Updated on: 30 July, 2025 04:10 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
इस उत्पाद ने हिंदू भक्तों, खासकर ओडिशा में, जहाँ भगवान जगन्नाथ सबसे अधिक पूजनीय हैं, के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है.
छवि सौजन्य (X)
ओडिशा के सबसे पवित्र देवताओं में से एक, भगवान जगन्नाथ की तस्वीर वाला एक डोरमैट भारत में AliExpress पर बेचे जाने के बाद, चीन के स्वामित्व वाली एक लोकप्रिय वैश्विक ई-कॉमर्स साइट, AliExpress की आलोचनाओं का शिकार हो गई है. इस उत्पाद ने हिंदू भक्तों, खासकर ओडिशा में, जहाँ भगवान जगन्नाथ सबसे अधिक पूजनीय हैं, के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है.
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इस उत्पाद में भगवान जगन्नाथ का चेहरा एक फर्श पर बिछे मैट पर छपा हुआ है, जिसे पैर पोंछने के लिए डिज़ाइन किया गया है. भारत के लोगों की धार्मिक भावनाओं को और ठेस पहुँचाने के लिए, साइट पर उस उत्पाद पर किसी के पैर रखने की तस्वीर भी है. उत्पाद को `नमी सोखने वाला` और `फिसलन-रोधी` बताया गया है. इस उत्पाद ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है. भक्तों ने इसे धार्मिक असंवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण बताया है.
What’s wrong with you, @AliExpress_EN?⁰Are you playing with the emotions of millions of devotees? Making Lord Jagannath a doormat? This is blasphemy!@SJTA_Puri, @arvindpadhee, @CMO_Odisha — please take necessary action. pic.twitter.com/IMOX6S9Wb8
— Ipsitaa Mahapatra (@ipsitamahapatr3) July 28, 2025
इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के पूर्व सदस्य, माधव पूजापांडा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने मंदिर प्रशासन से ओडिशा राज्य सरकार और भारत की केंद्र सरकार, दोनों को तुरंत चेतावनी देने का आग्रह किया और ऐसी आपत्तिजनक वस्तुओं की बिक्री और विपणन को रोकने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ राजनयिक संबंध बनाने का भी आह्वान किया. पूजापांडा ने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है. ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है जहाँ पवित्र जगन्नाथ से जुड़े शब्दों जैसे महाप्रसाद और पतितपावन बाना का लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है. हालाँकि इन धार्मिक प्रतीकों और शब्दों को कानूनी रूप से संरक्षित करने के लिए कदम उठाए गए हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में तेज़ी लाने की ज़रूरत है."
पिछले कई वर्षों से, कई हिंदू धार्मिक समूह और मंदिर समितियाँ जगन्नाथ परंपरा से जुड़े पवित्र प्रतीकों, छवियों और वाक्यांशों पर बौद्धिक संपदा अधिकारों की वकालत कर रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पेटेंट और ट्रेडमार्क के शीघ्र कार्यान्वयन से भविष्य में इस तरह के अपमानजनक व्यावसायीकरण को रोका जा सकता है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भक्तों ने इस उत्पाद की निंदा की है और इसे हटाने तथा विक्रेता और प्लेटफॉर्म से माफ़ी मांगने की मांग की है. #RespectJagannath और #BoycottAliExpress जैसे हैशटैग भारत में ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे कार्रवाई की मांग और तेज़ हो गई है. भगवान जगन्नाथ केवल एक देवता नहीं हैं, बल्कि भारत और ओडिशा की पहचान और आस्था के एक अत्यंत पूजनीय प्रतीक हैं. उनकी छवि का कोई भी दुरुपयोग व्यापक आध्यात्मिक और भावनात्मक क्षति पहुँचा सकता है, जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
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