प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से लगातार 11वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया (तस्वीरें/पीटीआई और एएफपी)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को `एक राष्ट्र, एक चुनाव` की जोरदार वकालत की और राजनीतिक दलों से इस सपने को साकार करने के लिए आगे आने का आग्रह किया, साथ ही उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं.
78वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे देश में व्यापक विचार-विमर्श किया गया है और सभी राजनीतिक दलों ने अपने विचार दिए हैं. उन्होंने कहा कि एक समिति ने एक बेहतरीन रिपोर्ट पेश की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा, "बार-बार होने वाले चुनाव देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. किसी भी योजना/पहल को चुनाव से जोड़ना आसान हो गया है. हर तीन से छह महीने में कहीं न कहीं चुनाव होते हैं. हर काम चुनाव से जुड़ा हुआ है."
उन्होंने कहा, "एक राष्ट्र, एक चुनाव के लिए देश को आगे आना होगा."
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से "लाल किले से और राष्ट्रीय तिरंगे को साक्षी मानकर देश की प्रगति सुनिश्चित करने" का आग्रह किया.
उन्होंने दलों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग आम आदमी के लिए हो और कहा, "हमें एक राष्ट्र, एक चुनाव के सपने को साकार करने के लिए आगे आना होगा".
`एक राष्ट्र, एक चुनाव` भाजपा द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक है.
इस साल मार्च में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय पैनल ने पहले कदम के रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी, उसके बाद 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाने की सिफारिश की थी.
एक साथ चुनाव कराने से संसाधनों की बचत होगी, विकास और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा, "लोकतांत्रिक ढांचे की नींव" मजबूत होगी और "भारत, यानी भारत" की आकांक्षाओं को साकार करने में मदद मिलेगी.
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