Updated on: 21 August, 2025 05:22 PM IST | Mumbai
Aishwarya Iyer
इस धोखाधड़ी ने सरकार को भारी नुकसान पहुँचाया है और इसमें लगभग 47.32 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट शामिल था.
प्रतीकात्मक चित्र. फ़ाइल चित्र
ठाणे आयुक्तालय के सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क की कर चोरी निरोधक शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी जीएसटी क्रेडिट धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है. इस धोखाधड़ी ने सरकार को भारी नुकसान पहुँचाया है और इसमें लगभग 47.32 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) शामिल था. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घोटाले के कथित मास्टरमाइंड विवेक राजेश मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है.
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आंतरिक खुफिया जानकारी और उन्नत डेटा विश्लेषण उपकरणों का उपयोग करके मामले का पता लगाया गया. जांच से पता चला कि विवेक राजेश मौर्य द्वारा संचालित मेसर्स केएसएम एंटरप्राइजेज ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति के धोखाधड़ी से आईटीसी का दावा किया और उसे आगे बढ़ाया. उसके आवास की तलाशी में बैंक पासबुक, चेकबुक, कई मोबाइल फोन और कई धोखाधड़ी करने वाली फर्मों से जुड़े दस्तावेज़ों सहित कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए.
ठाणे आयुक्तालय के सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालय के अनुसार, पूछताछ के दौरान विवेक मौर्य ने धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड होने, कमीशन कमाने और अवैध आय से सीधे लाभ उठाने की बात स्वीकार की. परिणामस्वरूप, उन्हें 19 अगस्त, 2025 को गिरफ्तार कर ठाणे में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. मौर्य को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यह कार्रवाई सीजीएसटी विभाग द्वारा कर धोखाधड़ी और जीएसटी चोरी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है और बाजार में अनुचित लाभ होता है. हालांकि मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है, अधिकारियों ने कहा कि आगे की जाँच जारी है और मामले के आगे बढ़ने पर और खुलासे होने की संभावना है. सीजीएसटी ठाणे आयुक्तालय ने कर धोखाधड़ी के खिलाफ अपने कड़े रुख की पुष्टि की और जीएसटी चोरी में लिप्त व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.
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