Updated on: 29 August, 2025 10:50 AM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार ने मराठा समाज की अनदेखी की और अब केवल राजनीति कर रही है.
X/Pics, Keshav Upadhye
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह आज़ाद मैदान पर अपने आंदोलन से पहले ही सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ मुंबई पहुंचे. इसके साथ ही भाजपा ने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला है.
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भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, “मुंबई में मराठा समुदाय का आंदोलन ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सवाल यह है कि इस आंदोलन की बात कौन कर रहा है? – वही उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस पार्टी, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए मराठा समाज की अनदेखी की थी. महा विकास अघाड़ी सरकार ने मराठा आंदोलन को ‘मौन मोर्चा’ कहकर उसका मज़ाक उड़ाया था.”
भाजपा का पलटवार
उपाध्ये ने कहा कि शरद पवार अब कहते हैं कि आरक्षण का मुद्दा जरूरी नहीं रहा, जबकि वर्षों तक उनकी पार्टी ने मराठा समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. कांग्रेस का रवैया भी हमेशा अवसरवादी रहा. और उद्धव ठाकरे की पार्टी ने महा विकास अघाड़ी सरकार में रहते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
उन्होंने सवाल उठाया कि मनोज जरांगे की ओबीसी कोटे से आरक्षण की मांग पर ये तीनों दल चुप क्यों हैं? भाजपा का रुख साफ है कि ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को न्याय दिया जाएगा और इसके लिए कानूनी पहलू मजबूत किए जा रहे हैं.
मराठा समाजाचे मुंबईतील आंदोलन हे शांततामय ऐतिहासिक होईलच, पण या आंदोलनाबाबत बोलतय कोण? …
— Keshav Upadhye (@keshavupadhye) August 29, 2025
▪️महाविकास आघाडी सरकारच्या काळात मराठा समाजाकडे दुर्लक्ष करणारे उध्दव ठाकरे, शरद पवार आणि कॉंग्रेस पक्ष
▪️मराठा समाजाच्या मूक मोर्चाची ‘मुका मो’र्चा म्हणून हेटाळणी करणारे सामना
▪️आरक्षणचे…
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि “सबसे संवेदनशील रुख देवेंद्र फडणवीस ने अपनाया था. उनके कार्यकाल में ही मराठा समुदाय को 10% आरक्षण दिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक रद्द नहीं किया है. शिंदे समिति की अवधि छह महीने बढ़ाई गई है, आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी दी गई है, और मराठा उद्यमियों के लिए अन्नासाहेब पाटिल वित्तीय निगम से 8320 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया. इसके अलावा राजर्षि शाहू महाराज शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 17.54 लाख विद्यार्थियों को 9262 करोड़ रुपये की सहायता मिली.”
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह आज़ाद मैदान पर अपने आंदोलन से पहले ही सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ मुंबई पहुंचे. इसके साथ ही भाजपा ने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला है.
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, “मुंबई में मराठा समुदाय का आंदोलन ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सवाल यह है कि इस आंदोलन की बात कौन कर रहा है? – वही उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस पार्टी, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए मराठा समाज की अनदेखी की थी. महा विकास अघाड़ी सरकार ने मराठा आंदोलन को ‘मौन मोर्चा’ कहकर उसका मज़ाक उड़ाया था.”
भाजपा का पलटवार
उपाध्ये ने कहा कि शरद पवार अब कहते हैं कि आरक्षण का मुद्दा जरूरी नहीं रहा, जबकि वर्षों तक उनकी पार्टी ने मराठा समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. कांग्रेस का रवैया भी हमेशा अवसरवादी रहा. और उद्धव ठाकरे की पार्टी ने महा विकास अघाड़ी सरकार में रहते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
उन्होंने सवाल उठाया कि मनोज जरांगे की ओबीसी कोटे से आरक्षण की मांग पर ये तीनों दल चुप क्यों हैं? भाजपा का रुख साफ है कि ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को न्याय दिया जाएगा और इसके लिए कानूनी पहलू मजबूत किए जा रहे हैं.
देवेंद्र फडणवीस का बचाव
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि “सबसे संवेदनशील रुख देवेंद्र फडणवीस ने अपनाया था. उनके कार्यकाल में ही मराठा समुदाय को 10% आरक्षण दिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक रद्द नहीं किया है. शिंदे समिति की अवधि छह महीने बढ़ाई गई है, आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी दी गई है, और मराठा उद्यमियों के लिए अन्नासाहेब पाटिल वित्तीय निगम से 8320 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया. इसके अलावा राजर्षि शाहू महाराज शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 17.54 लाख विद्यार्थियों को 9262 करोड़ रुपये की सहायता मिली.”
विपक्ष पर सीधा वार
उपाध्ये ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और महायुति सरकार ने मराठा समाज को न्याय दिलाने के ठोस प्रयास किए हैं. इसके विपरीत कांग्रेस, शरद पवार और उद्धव ठाकरे केवल राजनीति करने में व्यस्त हैं और आरक्षण के मुद्दे पर उनकी कोई स्पष्ट नीति नहीं है.
उन्होंने जनता से अपील की कि मराठा समाज के साथ “सामाजिक न्याय का विश्वासघात करने वाली इन तीनों पार्टियों की राजनीति को विफल करना होगा.”
उपाध्ये ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और महायुति सरकार ने मराठा समाज को न्याय दिलाने के ठोस प्रयास किए हैं. इसके विपरीत कांग्रेस, शरद पवार और उद्धव ठाकरे केवल राजनीति करने में व्यस्त हैं और आरक्षण के मुद्दे पर उनकी कोई स्पष्ट नीति नहीं है.
उन्होंने जनता से अपील की कि मराठा समाज के साथ “सामाजिक न्याय का विश्वासघात करने वाली इन तीनों पार्टियों की राजनीति को विफल करना होगा.”
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