Updated on: 20 August, 2025 08:06 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा पिछले साल अगस्त में शुरू की गई इस प्रमुख योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
लड़की बहन योजना पिछले साल अगस्त में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई थी. फ़ाइल तस्वीर
महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बुधवार को कहा कि सरकार वर्तमान में 12,000 से ज़्यादा पुरुषों के बैंक खातों की जाँच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना के तहत लाभ उठाया था. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा पिछले साल अगस्त में शुरू की गई इस प्रमुख योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. अदिति तटकरे ने संवाददाताओं से कहा, "हम इन 12,000 खातों की प्रामाणिकता की जाँच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिलाओं के लिए निर्धारित मासिक वित्तीय सहायता घर के पुरुष सदस्यों के खाते में जमा हो रही है या नहीं."
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रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोग लड़की बहन योजना को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्री ने खुलासा किया कि योजना के शुरुआती चरण में लगभग 50 लाख बैंक खातों को आधार से लिंक (जोड़ा) नहीं गया था. उन्होंने कहा, "आधार सीडिंग लड़की बहन योजना के कारण लागू की गई थी." उन्होंने आगे कहा, "इससे महिलाओं को न केवल मासिक भुगतान प्राप्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य मामलों में भी उन्हें लाभ होगा."
पिछले महीने अदिति तटकरे ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के आंकड़ों का हवाला दिया था, जिसमें बताया गया था कि लगभग 26.34 लाख लोग अपात्र होने के बावजूद इस योजना के तहत सहायता प्राप्त कर रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार अदिति तटकरे ने कहा था, "सरकार ने आवेदनों के सत्यापन के लिए सभी विभागों से आंकड़े मांगे थे. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने पाया कि कई अनियमितताएँ हुई थीं. कुछ परिवारों में दो से ज़्यादा लाभार्थी थे, कुछ आवेदक कई योजनाओं से सहायता प्राप्त कर रहे थे, कुछ मामलों में लाभार्थी सूची में पुरुष भी पाए गए."
उन्होंने कहा था कि कुछ व्यक्ति कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे, कुछ परिवारों में दो से ज़्यादा लाभार्थी थे, और कई मामलों में, पुरुषों ने योजना की शर्तों का उल्लंघन करते हुए आवेदन किया था. रिपोर्ट के मुताबिक आंकड़ों के आधार पर, इन व्यक्तियों को मिलने वाले लाभ जून 2025 से रोक दिए गए थे. ऐसे मामलों का विवरण अब ज़िला कलेक्टरों द्वारा सत्यापित किया जा रहा है. तटकरे ने कहा कि पात्र पाए जाने वालों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. लड़की बहन योजना का लाभ उठाने के लिए जानबूझकर सरकार को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ परामर्श के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.
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