Updated on: 23 September, 2025 10:59 PM IST | Mumbai
Rajendra B. Aklekar
यह घटना सुबह करीब 10:12 बजे हुई जब एसी लोकल (संख्या K/25), जो सुबह 10:00 बजे दिवा स्टेशन पर पहुँचने वाली थी.
अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि वह व्यक्ति ट्रेन की छत तक कैसे पहुँचा और उन्होंने इस तरह की हरकतों के ख़तरों के बारे में भी बताया. तस्वीर: राजेंद्र बी अकलेकर
एक चौंकाने वाली घटना में मंगलवार को दिवा और कोपर स्टेशनों के बीच एसी लोकल ट्रेन की छत पर चढ़ने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना सुबह करीब 10:12 बजे हुई जब एसी लोकल (संख्या K/25), जो सुबह 10:00 बजे दिवा स्टेशन पर पहुँचने वाली थी, 12 मिनट की देरी से प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुँची. यात्री पीछे वाले कोच की छत पर एक व्यक्ति को देखकर चौंक गए. जैसे ही ट्रेन रुकी, उस व्यक्ति ने नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन गलती से हाई-वोल्टेज ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) के संपर्क में आ गया, जिससे उसे ज़ोरदार बिजली का झटका लगा और उसके कपड़ों में आग लग गई.
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सतर्क यात्रियों ने तुरंत शोर मचाया. एसआईपीएफ जे.के. वर्मा, एएसआई शिवकुमार मीणा और स्टेशन स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई की और बिना देर किए प्रतिक्रिया दी. पॉइंट्समैन शरद, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्टेशन पोर्टरों (हमालों) की मदद से घायल व्यक्ति को नीचे उतारने में सफल रहे. उसे आपातकालीन चिकित्सा के लिए एम्बुलेंस द्वारा कलवा के शिवाजी अस्पताल ले जाया गया. उसकी वर्तमान स्थिति की पुष्टि नहीं हो पाई है. इसके बाद स्टेशन मास्टर ने घटना के संबंध में मेमो संख्या 136887 जारी किया. सुबह 10:38 बजे, 26 मिनट की देरी से रवाना होगी. अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि वह व्यक्ति ट्रेन की छत पर कैसे पहुँचा और उन्होंने एक बार फिर इस तरह की हरकतों से जुड़े गंभीर खतरों के बारे में चेतावनी दी है.
मुंबई में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर एक पुलिस स्टेशन में लोगों के एक समूह के साथ दुर्व्यवहार किया. एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस घटना के बाद अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार 18 सितंबर को गिरगाँव के वीपी रोड पुलिस स्टेशन में हुई इस घटना का एक वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है. अधिकारियों ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक महिला सहित कई लोग शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुँचे थे, तभी ड्यूटी पर तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर की उनसे तीखी बहस हो गई.
कांबले ने मध्यस्थ साहिल नितिन गायकवाड़ (20) और कथित मास्टरमाइंड प्रकाश दिनकर भालेराव (40) के साथ मिलकर महिला से कई किश्तों में कुल 8 लाख रुपये लिए. भुगतान के बावजूद, न तो नौकरी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए. रिपोर्ट के मुताबिक तीनों लोगों को ठगने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र और नौकरी संबंधी दस्तावेज बनाते पाए गए. एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, एपीआई धुताराज, एएसआई देसाई, पीसी बोधारे और एचसीडी दले के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्धों का पता लगाया. मास्टरमाइंड प्रकाश भालेराव को चूनाभट्टी के सुमन नगर से गिरफ्तार किया गया.
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