Updated on: 18 August, 2024 10:18 AM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
बहस इतनी बढ़ गई कि यह शारीरिक संघर्ष में बदल गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और अन्य यात्री भी स्तब्ध रह गए. इस घटना का CCTV फुटेज इस समय तेजी से वायरल हो रहा है.
अनिकेत ने यह अनुभव किया कि नियमों का पालन न केवल उनके लिए बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है.
शुक्रवार को मुंबई की लोकल ट्रेन में एक अनोखी घटना घटी, जब अनिकेत भोसले नामक एक यात्री एसी कोच में बिना वैध टिकट के यात्रा कर रहा था. अनिकेत, जो चर्चगेट से विरार की ओर जा रहे थे, ने गलती से फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर एसी कोच में चढ़ने का फैसला किया. संयोग से, उसी समय चीफ टिकट इंस्पेक्टर जसबीर सिंह वहां पहुंचे और टिकट की नियमित जांच शुरू की. जांच के दौरान, जसबीर सिंह ने पाया कि अनिकेत के पास एसी कोच का वैध टिकट नहीं था और उन्होंने तुरंत अनिकेत से जुर्माना भरने के लिए कहा. इस पर अनिकेत ने विरोध जताया, जिससे दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. बहस इतनी बढ़ गई कि यह शारीरिक संघर्ष में बदल गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और अन्य यात्री भी स्तब्ध रह गए. इस घटना का CCTV फुटेज इस समय तेजी से वायरल हो रहा है.
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घटना के बाद, अनिकेत भोसले को अपनी गलती का एहसास हुआ और अपनी गलती को स्वीकार कर लिया. उन्होंने लिखित में माफी मांगते हुए जसबीर सिंह और आरपीएफ टीम से विनती की कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज न किया जाए, क्योंकि इससे उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा सकता था. अपनी गलती की भरपाई के लिए, अनिकेत ने जसबीर सिंह के वे 1500 रुपये भी लौटा दिए, जो झगड़े के दौरान कहीं गिर गए थे.
अनिकेत की माफी के बाद, पुलिस और टिकट इंस्पेक्टर ने उन्हें माफ कर दिया और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की. हालांकि, पुलिस ने अनिकेत को भविष्य में ऐसी गलती न करने की कड़ी चेतावनी दी. इस घटना ने अनिकेत के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित की कि सार्वजनिक परिवहन के नियमों का पालन न करना कितना जोखिम भरा हो सकता है. भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए, अनिकेत ने यह अनुभव किया कि नियमों का पालन न केवल उनके लिए बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है.
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