Updated on: 20 August, 2025 08:55 AM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
मुंबई और राज्यभर में जारी भारी बारिश को देखते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास आठावले ने मंगलवार को बस्तियों और झुग्गियों में हुए नुकसान का तुरंत पंचनामा कर प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने की मांग की.
X/Pics, Ramdas Athawale
मुंबई और राज्य के कई हिस्सों में जारी तेज बारिश ने जनजीवन पर असर डाला है. इसी परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठावले ने मंगलवार को राज्य सरकार से आग्रह किया कि झुग्गी-झोपड़ियों व बस्तियों में हुए नुकसान का तत्काल पंचनामा (निरीक्षण) कराया जाए और प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवज़ा प्रदान किया जाए.
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अनावश्यक यात्रा न करें; जलभराव/नालों/तेज़ बहाव और खुले विद्युत तारों से दूर रहें।
— Dr.Ramdas Athawale (@RamdasAthawale) August 19, 2025
केवल आधिकारिक अलर्ट/हेल्पलाइन पर भरोसा करें; अफ़वाहों से बचें और लोकेशन परिवार/पड़ोसियों से शेयर रखें।
पीने का पानी उबालकर/सील्ड बोतल का लें; प्राथमिक उपचार किट, ज़रूरी दवाएँ और टॉर्च साथ रखें।… pic.twitter.com/BlhO6Apa9o
आठावले ने बांद्रा स्थित वाल्मीकि नगर, महाराष्ट्र नगर, खेरवाड़ी, खार और मीठी नदी तटवर्ती इलाकों का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान खेरवाड़ी पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुप्रिया पाटिल, रिपब्लिकन पार्टी के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ कसारे, अमित तांबे व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. स्थानीय निवासियों ने बताया कि वरदान आनंद जंजोतड़ नामक युवक बारिश के बीच नाले में बह गया. आठावले ने घटना स्थल का निरीक्षण कर प्रशासन से तत्काल खोज-बचाव अभियान तेज़ करने की मांग की.
उन्होंने कहा कि बस्तियों के ठीक बगल से बहने वाले नालों का जलस्तर बारिश में ख़तरनाक रूप से बढ़ जाता है और पानी घरों तक घुस आता है. ऐसे जोखिम को रोकने के लिए आठावले ने जिला अधिकारी, नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश देने का आश्वासन दिया कि वाल्मीकि नगर व महाराष्ट्र नगर जैसे संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए. साथ ही, नाले में बहे युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की अपील भी की.
ग्रामीण इलाकों में फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए आठावले ने कहा कि “भारी वर्षा से खेतों में पानी भर गया है, कई किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं. सरकार को प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज और पुनर्वास उपाय लागू करने चाहिए.” जल प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नदी जोड़ो परियोजना पर काम कर रही है, लेकिन मुंबई-कोंकण क्षेत्र की अतिवृष्टि का पानी सीधे समुद्र में चला जाता है. “इस वर्षा जल को बांधों व जलाशयों में संग्रहित कर सूखाग्रस्त इलाकों तक पहुँचाने की प्रणाली विकसित की जाए, ताकि बाढ़ और सूखे—दोनों चुनौतियों का समाधान हो,” आठावले ने कहा.
आठावले ने अंत में नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें, आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और संकट की स्थिति में संबंधित नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें.
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