Updated on: 30 May, 2025 08:06 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने अपने आंकड़ों में कहा है कि पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में भारी बारिश और अन्य मौसम संबंधी घटनाएं हुई हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर/फ़ाइल
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. हाल ही में मानसून की शुरुआत ने महाराष्ट्र के कई जिलों को प्रभावित किया है. राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने अपने आंकड़ों में कहा है कि पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में भारी बारिश और अन्य मौसम संबंधी घटनाएं हुई हैं. 30 मई तक, महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिसमें धाराशिव जिले में 42.2 मिमी, बीड में 24 मिमी, जालना में 13.9 मिमी, सोलापुर में 12.1 मिमी और सिंधुदुर्ग में 11.2 मिमी बारिश हुई. आंकड़ों के अनुसार, राज्य में ठाणे में सड़क दुर्घटना में मौत, नांदेड़ में दो व्यक्तियों के डूबने और राज्य भर में इमारत गिरने से चार व्यक्तियों के घायल होने सहित विभिन्न बारिश संबंधी घटनाओं के कारण तीन और चार लोग घायल हुए.
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सिंधुदुर्ग क्षेत्र में भूस्खलन हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा मलबे को तुरंत बहाल कर दिया गया. एक अन्य घटना में, रायगढ़ जिले के महाड में इंडो एमाइंस कंपनी में आग लग गई, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया. स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया और आग बुझा दी गई. धाराशिव जिले में भारी बारिश के कारण परिवहन मार्ग बदलना पड़ा, लेकिन कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई. भविष्य में मानसून की गतिविधियों को देखते हुए राज्य प्रशासन ने मुंबई, पालघर, ठाणे, रत्नागिरी, रायगढ़ और अन्य जिलों जैसे प्रमुख शहरी और तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं.
इसके अतिरिक्त राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) जिला-स्तरीय समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में रहता है, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता सुनिश्चित होती है. मौसम विभाग के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ठाणे, रायगढ़, मुंबई, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, कभी-कभी गरज के साथ 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम संबंधी चेतावनियाँ मौसम विभाग ने जारी की हैं, जिनमें बिजली गिरने, पेड़ गिरने और तेज़ हवाओं के कारण अस्थायी रूप से बिजली गुल होने का जोखिम, तथा खड़ी फसलों और कमज़ोर ढाँचों को संभावित नुकसान शामिल है.
किसानों से मौसम विभाग ने आग्रह किया है कि वे परिपक्व फसलों की कटाई तुरंत पूरी करें, पानी के नुकसान से बचने के लिए अनाज और उपज को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करें, सिंचाई और कीटनाशक के इस्तेमाल से बचें. जलभराव को रोकने के लिए सुनिश्चित करें कि जल निकासी व्यवस्था साफ हो. आंधी-तूफान के दौरान पशुओं को घर के अंदर सुरक्षित रखें.
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