पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों के बड़े काफिले और समर्थकों के बढ़ते हुजूम को देखते हुए यह कदम उठाना ज़रूरी हो गया था. (Pics/Satej Shinde)
यह इलाका छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), बंदरगाह और कई व्यावसायिक केंद्रों से जुड़ा हुआ है, ऐसे में यहाँ ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम किए गए हैं.
पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है और वाहन चालकों से अपील की है कि वे पी डी’मेलो रोड की बजाय मास्क रोड और शाहिद भगत सिंह रोड का इस्तेमाल करें.
वहीं, भारी वाहनों को अस्थायी रूप से डॉकयार्ड रोड और सीएसएमटी क्षेत्र से दूर डायवर्ट किया गया है.
आज़ाद मैदान में आंदोलन के दौरान हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं. पुलिस ने यहाँ 1,500 से अधिक जवानों को तैनात किया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन भीड़ की वजह से आसपास के इलाकों में ट्रैफिक और लोकल ट्रेन स्टेशनों पर भी दबाव बढ़ गया है. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे और उनके समर्थक उपोषण पर बैठे हैं.
उनकी प्रमुख मांग है कि सभी मराठों को कुनबी जाति का प्रमाणपत्र दिया जाए ताकि उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके.
पुलिस ने एहतियात के तौर पर आंदोलनकारियों और वाहनों पर कई शर्तें लगाई हैं, जिनमें संख्या की सीमा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और अपमानजनक नारेबाज़ी न करना शामिल है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शाम तक पी डी’मेलो रोड पर यातायात नियंत्रित रहेगा और हालात सामान्य होने पर ही मार्ग दोबारा खोला जाएगा.
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