Updated on: 23 February, 2025 05:11 PM IST | Mumbai
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मुंबई सेंट्रल ने अंगदान जागरूकता बढ़ाने के लिए एक बहुधार्मिक स्किट कार्यक्रम आयोजित किया. इस पहल में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भाग लिया.
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मुंबई सेंट्रल, भविष्य में भी ऐसी पहलों को जारी रखेगा ताकि समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके और अधिक लोग अंगदान के लिए प्रेरित हो सकें.
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मुंबई सेंट्रल ने अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य अंगदान से जुड़े मिथकों को दूर करना और लोगों को जीवन बचाने की इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था.
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कार्यक्रम में मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की कई संस्थाओं ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
>> शतायु - जीवन का उपहार
>> सारथी फाउंडेशन
>> जाइंट्स वेलफेयर फाउंडेशन
>> लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल
अंगदान की महत्ता पर केंद्रित इस कार्यक्रम में जोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन सेंटर (जेडटीसीसी) के अध्यक्ष डॉ. एस. के. माथुर मुख्य अतिथि थे. उन्होंने कहा, "अंगदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ें."
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मुंबई सेंट्रल के सेंटर इंचार्ज, डॉ. वीरेंद्र चौहान ने कहा, "अंगदान सभी धर्मों और समुदायों से परे एक मानवीय कार्य है, और हमें इसे प्रोत्साहित करना चाहिए."
डॉ. चंदन चौधरी, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट ने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता बेहद जरूरी है. डॉ. निखिल भसीन, रीनल ट्रांसप्लांट फिजिशियन ने कहा कि हजारों मरीज प्रत्यारोपण के इंतजार में हैं और इस तरह के प्रयास अंगदान की दर बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं.
डॉ. स्वप्निल शर्मा, लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, ने कहा, "लिवर ट्रांसप्लांट जीवनरक्षक हो सकता है, लेकिन अंगदाताओं की संख्या कम होने के कारण कई मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है."
इस कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए स्किट्स ने अंगदान के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया. इसके माध्यम से 50,000 से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचने की उम्मीद है.
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मुंबई सेंट्रल, भविष्य में भी ऐसी पहलों को जारी रखेगा ताकि समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके और अधिक लोग अंगदान के लिए प्रेरित हो सकें.
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